कृष्णधाम श्री सांवरिया सेठ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भंडार में नोटों और कीमती धातुओं की भरमार
राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवरिया सेठ मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालुओं की अपार आस्था देखने को मिली। मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े भक्तों की भीड़ के बीच ठाकुरजी का भंडार नोटों और कीमती धातुओं से सराबोर हो गया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ दानपात्रों में नकद राशि के साथ-साथ सोना और चांदी भी अर्पित किया।
मंदिर प्रशासन के अनुसार दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और उन्होंने ठाकुरजी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंचने लगे थे और देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहा।
भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर के दानपात्रों में बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोना-चांदी जैसी कीमती धातुएं भी चढ़ाई गईं। भंडार खुलने के बाद सामने आई राशि और धातुओं को देखकर मंदिर प्रशासन भी उत्साहित नजर आया। मंदिर प्रबंधन की ओर से दान में मिली राशि और कीमती वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से संकलित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास ही इस मंदिर की सबसे बड़ी शक्ति है। यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ठाकुरजी के चरणों में नतमस्तक होते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।
दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी गई थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा मंदिर प्रशासन के कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं को दर्शन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कृष्णधाम श्री सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खास अवसरों और त्योहारों के दौरान यहां भक्तों की संख्या और भी अधिक बढ़ जाती है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई नकदी और कीमती धातुओं का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में किया जाता है। इसके साथ ही कई सामाजिक और सेवा कार्यों में भी इस राशि का उपयोग किया जाता है।
भक्तों की आस्था और विश्वास का यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि समय-समय पर मंदिर के भंडार में भारी मात्रा में दान एकत्रित होता रहता है। कृष्णधाम श्री सांवरिया सेठ मंदिर में उमड़ी इस आस्था की लहर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भक्तों के मन में ठाकुरजी के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास है।

