श्री सांवलिया सेठ दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, दानराशि ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां न केवल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, बल्कि उनके द्वारा अर्पित की जा रही दानराशि भी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इस माह मंदिर के भंडार की गिनती ने पिछले सभी मासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
मंदिर प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भंडार की गिनती के अब तक पांच चरण पूरे हो चुके हैं और दानराशि साढ़े 32 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि गिनती का कार्य अभी भी जारी है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में प्राप्त दान ने मंदिर की लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को एक बार फिर साबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि 16 अप्रैल को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर विशेष भोग आरती के बाद विधिवत रूप से भंडार खोला गया था। इस दौरान मंदिर मंडल की सीईओ, अध्यक्ष और अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए दान की गिनती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
मंदिर परिसर में रोजाना हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप माने जाने वाले सांवलिया सेठ के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं और पूरी होने पर उदारता से दान भी अर्पित करते हैं। यही वजह है कि यहां हर महीने भंडार में बड़ी राशि एकत्रित होती है, लेकिन इस बार का आंकड़ा अब तक का सबसे अधिक बताया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, वहीं सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सांवलिया सेठ को अर्पित किया गया दान भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि यहां हर वर्ग के लोग अपनी श्रद्धा अनुसार योगदान करते हैं।

