चित्तौड़गढ़ में नकली घी बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, वीडियो में देखें 1543KG घी जब्त
चित्तौड़गढ़ जिले के चित्तौड़ीखेड़ा गांव में मंगलवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहां से बड़ी मात्रा में नकली घी और उसे बनाने में उपयोग होने वाले रसायन तथा उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके से 1543 किलोग्राम नकली घी, 160 किलोग्राम पाम ऑयल, और 1187 किलोग्राम वेजिटेबल ऑयल जब्त किया है। इसके अलावा नकली घी तैयार करने की मशीनें भी मौके से मिली हैं, जिनका उपयोग इस अवैध कारोबार में किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान एक आरोपी गिरफ्तार
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार भी किया है, जिसकी पहचान अभी तक गोपनीय रखी गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि यह कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा था और जिलेभर में इसकी आपूर्ति की जा रही थी।
स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
नकली घी में इस्तेमाल किए जा रहे पाम ऑयल और वेजिटेबल ऑयल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के उत्पादों का लंबे समय तक सेवन करने से पेट और लीवर संबंधी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। पुलिस की कार्रवाई ने समय रहते इस खतरे पर रोक लगा दी है, जिससे आमजन को राहत मिली है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
जिला पुलिस अधीक्षक ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई एक सतर्क मुखबिर की सूचना पर की गई। उन्होंने कहा, "हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और जो भी व्यक्ति इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता
इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश के साथ-साथ चिंता का माहौल भी है। लोग यह सोचकर हैरान हैं कि जिस घी को वे रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल करते हैं, वह नकली और जहरीला भी हो सकता है। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के अवैध कारोबार पर कठोर निगरानी रखी जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
जांच जारी, और खुलासे की संभावना
फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इस घी की आपूर्ति कहां-कहां होती थी, इसकी जानकारी जुटाने में लगी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की जांच में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
चित्तौड़ीखेड़ा में हुई यह कार्रवाई न सिर्फ पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक चेतावनी है कि उपभोक्ता वस्तुओं की गुणवत्ता पर नजर बनाए रखें और संदिग्ध उत्पादों की सूचना प्रशासन को दें।

