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Buxar खेतों में पराली जलाना खेती-बारी के लिए गंभीर खतरा, मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों के लगाए गए हैं 17 स्टॉल
 

Buxar खेतों में पराली जलाना खेती-बारी के लिए गंभीर खतरा, मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों के लगाए गए हैं 17 स्टॉल


बिहार न्यूज़ डेस्क कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा व जिला कृषि विभाग की ओर से बाजार समिति के परिसर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले का आगाज हुआ. उद्घाटन डीडीसी डॉ. महेन्द्र पाल, जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार व किसान प्रतिनिधि बीजेपी नेता परशुराम चतुर्वेदी ने दीप प्रज्जवलित कर किया. डीडीसी डॉ. पाल ने कहा कि मिट्टी प्राण के समान है. अगर प्राण ही नहीं रहेगा,

तो जीवन बेकार है. ठीक उसी प्रकार पराली जलाकर मिट्टी को नुकसान पहुंचाना खेती-बाड़ी के लिए गम्भीर खतरा है. अगर समय रहते हम जागरुक नहीं हुए तो जीवन, पर्यावरण व धरती माता को नुकसान पहुंचाने का कारण हम ही होंगे. पराली को जलाने की बजाय व्यापार का आधार बनाएं. डीएओ मनोज कुमार ने कहा कि मेला में कृषि यंत्र की खरीद के लिए 271 स्वीकृति पत्र निर्गत किया गया है, जिसमें कुल 1.14 करोड़ रुपये व्यय होंगे. विभाग द्वारा पराली प्रबंधन वाले यंत्रों पर अभियान चलाकर अनुदान देने की कार्रवाई की जा रही है. वैज्ञानिक हरिगोविंद जायसवाल, मृदा विशेषज्ञ डॉ. देवकरण, पादप सुरक्षा विशेषज्ञ रामकेवल ने रबी फसल के प्रबंधन पर प्रकाश डाला. वहीं मंच संचालन अमान अहमद ने की. मेले में प्रगतिशील किसान ललन राय, शंकर पासवान, मोहन यादव, कृष्ण बिहारी राय व चितरंजन तिवारी थे.

बक्सर न्यूज़ डेस्क 
 

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