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Bilaspur हड़ताल: आंदोलन खिंचने से मरीजों की बढ़ी परेशानी, ओपीडी से वार्डों तक इलाज हो रहा प्रभावित4 दिन बाद भी मांगें पूरी न हुईं, अब सिम्स में इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं देंगे जूनियर डॉक्टर
 

Bilaspur हड़ताल: आंदोलन खिंचने से मरीजों की बढ़ी परेशानी, ओपीडी से वार्डों तक इलाज हो रहा प्रभावित4 दिन बाद भी मांगें पूरी न हुईं, अब सिम्स में इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं देंगे जूनियर डॉक्टर

छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क, मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर पिछले चार दिन से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल  भी जारी रही. डॉक्टरों ने ओपीडी में अपनी सेवाएं देनी बंद कर दी हैं. इमरजेंसी में डॺूटी कर रहे थे, इसमें भी अपनी सेवाएं नहीं देंगे. इससे मरीजों की परेशानी और बढ़ जाएगी, क्योंकि ओपीडी से लेकर केजुअल्टी तक जूनियर डॉक्टरों के माध्यम से ही इलाज हो रहा है. विशेष इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टर पहुंचते हैं.नुक्कड़ नाटक व डांस कर प्रदर्शनकारियों ने बताई अपनी परेशानी
 मेडिकल कॉलेज के करीब 250 जूनियर डॉक्टर्स, इन्टर्नस और पीजी डॉक्टरों ने दोपहर सिम्स परिसर में हाथ में काली पट्टी बांध, बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच नुक्कड़ नाटक व डांस कर अपनी व्यथा बताई. दिखाया कि किस तरह उन पर अस्पताल का बर्डन तो बढ़ा दिया गया है, पर उसके हिसाब से मानदेय नहीं बढ़ाने से महंगाई के इस दौर में वे काफी परेशान हैं. बतादें कि वर्तमान में इन्टर्नस को 12,600, पीजी फर्स्ट ईयर को 53,500 रुपए, पीजी सेकंड इयर को 56,700 रुपए, पीजी थर्ड इयर को 59,220 और पोस्ट पीजी बांड के तौर पर 55,000 दिए जा रहे हैं. पिछले 4 साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. जबकि अन्य राज्यों में मानदेय बढ़ते क्रम में है.
इस बार आर-पार की लड़ाई...

इंटर्न एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व यूनाइटेड डॉक्टर फ्रंट एसोसिएशन के बिलासपुर प्रमुख डॉ. मेहुल केडिया ने बताया कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, फिर भी राज्य शासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. लिहाजा इस बार उन्होंने आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है. जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा.
सीमित संख्या में सीनियर डॉक्टरों के होने से सीधे तौर पर इलाज व्यवस्था गड़बड़ाएगी. यूनाइटेड डॉक्टर फ्रंट एसोसिएशन के बैनर तले जूनियर डॉक्टर, इन्टर्नस और पीजी डॉक्टर मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले चार दिन से हड़ताल पर हैं.  भी हड़ताल जारी रहा.
इन्होंने ओपीडी में तो अपनी सेवाएं देनी बंद कर दी हैं.  से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने का निर्णय लिया है. इधर हड़ताल की वजह से मरीजों का इलाज प्रभावित होने लगा है. ओपीडी में लंबी कतार लगने से सीनियर डॉक्टर्स तय समय पर मरीजों का चेकअप नहीं कर पा रहे हैं, जिससे ज्यादातर मरीजों को बिना इलाज कराए ही दूसरे अस्पताल जाना पड़ा रहा है. इसी तरह वार्डों में भर्ती मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. यहां शाम को फालोअप चेकअप के लिए कोई डॉक्टर ही नहीं पहुंच रहा, नर्सिंग स्टाफ के भरोसे मरीजों को रहना पड़ रहा है.
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर मरीजों की इलाज व्यवस्था पर न पड़े इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. ओपीडी से लेकर वार्डों तक आमदिनों की ही तरह मरीजों का रूटीन चेकअप हो रहा है. इमरजेंसी सेवा भी सीनियर डॉक्टर्स बखूबी दे रहे हैं.
डॉ.नीरज शेंडे, एमएस सिम्स.

बिलासपुर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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