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Bilaspur  चर्चित घोटाला: सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका है लंबित,सीजेआई चन्द्रचूड़ समेत तीन सदस्यीय खंडपीठ करेगी नान मामले की सुनवाई
 

Bilaspur  चर्चित घोटाला: सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका है लंबित,सीजेआई चन्द्रचूड़ समेत तीन सदस्यीय खंडपीठ करेगी नान मामले की सुनवाई

छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क, प्रदेश के चर्चित नान घोटाले के मामले को सूचीबद्ध करने के संबंध में उठाई गई आपत्तियों के बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने  कहा कि वे खुद जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस एस रवींद्र भट्ट की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी.
पूर्व में मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच में हो रही थी. उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले को सूचीबद्ध किए जाने पर छत्तीसगढ़ शासन ने आपत्ति जताई थी. राज्य ने दलील दी कि इस मामले को पिछली पीठ के अन्य दो शेष सदस्यों जस्टिस रस्तोगी या जस्टिस भट की पीठों के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए. बता दें कि ईडी ने प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. वही पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग करते हुए हस्तक्षेप याचिका भी दायर की गई है. सीजेआई चंद्रचूड़ ने पिछले (को इस प्रकरण में कहा था कि अदालत की सामान्य प्रथा के अनुसार पीठासीन न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति के बाद मामले को अगले उपलब्ध न्यायाधीशों के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए. सीजेआई ने यह भी कहा कि वह रजिस्ट्री से सत्यापित करेंगे कि क्या जस्टिस एमआर शाह की पीठ को मामले को सौंपने के लिए उनके पूर्ववर्ती द्वारा कोई विशेष निर्देश दिया गया था. 
सीजेआई चन्द्रचूड़...

जब इस मामले का फिर से उल्लेख किया गया तो सीजेआई ने स्पष्ट किया कि हालांकि उन्होंने इसे जस्टिस रस्तोगी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया, लेकिन जस्टिस एमआर शाह की पीठ के समक्ष इसे सूचीबद्ध करने का एक पूर्व आदेश था. सीजेआई ने उन परिस्थितियों के बारे में भी बताया जिसके तहत उन्होंने मामले को जस्टिस रस्तोगी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश पारित किया.
मुख्य न्यायाधीश ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (जो छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं) से कहा, जब आपने इसका उल्लेख किया, तो मेंशनिंग स्लिप में जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस हेमा कोहली के अंतिम आदेश को छोड़कर सभी आदेशों का उल्लेख किया गया था. इसलिए पहले के आदेश जस्टिस रस्तोगी और जस्टिस रवींद्र भट के थे, तो मैंने दूसरे आदेश पर (जस्टिस रस्तोगी के समक्ष सूचीबद्ध करने के लिए) उस पर अमल किया. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि पहले इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अपने दो सहयोगियों के साथ कर रहे थे. मैं निर्देश दूंगा कि इसे दो सहयोगियों के साथ मेरे सामने रखा जाए.

बिलासपुर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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