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युवक ने एसपी ऑफिस के सामने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास, फुटेज में देंखे 80% झुलसा

युवक ने एसपी ऑफिस के सामने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास, फुटेज में देंखे 80% झुलसा

शुक्रवार दोपहर तीन बजे, बीकानेर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब एक युवक ने एसपी ऑफिस के सामने पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग और पुलिसकर्मी घबरा गए।

पुलिस के अनुसार, युवक को तुरंत घेरती हुई लपटों से बचाने के लिए पुलिस कर्मियों ने दौड़कर कार्रवाई की। उन्होंने युवक को आग से बचाया और तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि युवक लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गया है, और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक की पहचान बीजीएम भागू गांव निवासी रामलाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामलाल को कुछ लोग परेशान कर रहे थे। परेशानी के समाधान के लिए वह एसपी ऑफिस में ज्ञापन देने पहुंचा था, लेकिन वहां खड़े पुलिसकर्मियों ने उसे रोक दिया और वहां से हटा दिया।

इसके बाद, रामलाल थोड़ी दूरी पर जाकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रामलाल पहले से ही पेट्रोल की बोतल साथ लेकर आया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसने यह कदम सोच-समझकर उठाया।

स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने कहा कि घटना के समय वहां भीड़ नहीं थी, लेकिन घबराए लोग और पुलिस कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई कर युवक को आग से बचाया। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और ट्रॉमा सेंटर में युवक का इलाज जारी है।

डॉक्टरों के अनुसार, रामलाल की स्थिति गंभीर है और उसे विशेष उपचार और झुलसने के लिए निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा, मानसिक स्थिति का भी परीक्षण किया जा रहा है, क्योंकि आत्मदाह का यह प्रयास तनाव और मानसिक दबाव की वजह से हो सकता है।

बीकानेर पुलिस ने इस घटना पर कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में आने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा और सहायता के लिए तुरंत उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई नागरिक परेशान है, तो उसे कानूनी और प्रशासनिक मार्ग के जरिए मदद मिलनी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती हैं। अक्सर लोग अपनी समस्याओं का समाधान सही मार्ग पर न मिल पाने के कारण ऐसे कदम उठाते हैं।

रामलाल के परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि युवक काफी समय से परेशान था और उसने कई बार अधिकारियों के पास अपनी समस्याएं रखी थीं। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फौरी कार्रवाई और समझदारी भरी निगरानी रखी जाएगी।

इस घटना ने प्रशासन और जनता दोनों के लिए चेतावनी दी है कि सामाजिक और मानसिक समस्याओं के समाधान में देरी या लापरवाही खतरनाक परिणाम ला सकती है। बीकानेर ट्रॉमा सेंटर में अब रामलाल का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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