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बीकानेर में स्कूल में आवारा कुत्तों का मासूम पर हमला, गंभीर हालत में बच्चा अस्पताल में

बीकानेर में स्कूल में आवारा कुत्तों का मासूम पर हमला, गंभीर हालत में बच्चा अस्पताल में

राजस्थान के बीकानेर जिले से एक बेहद ही हैरान और परेशान करने वाली घटना सामने आई है। जिले के एक गांव के स्कूल में आवारा कुत्तों ने घुसकर चार साल के मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बच्चे की हालत गंभीर हो गई और उसे तुरंत जिले के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के अनुसार, बच्चे पर हमला स्कूल के प्रांगण में हुआ। स्थानीय लोग और स्कूल के कर्मचारी जब तक बच्चे को बचाने पहुंचे, तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। बच्चे के परिवार और आस-पड़ोस के लोग उसके घाव देखकर काफी परेशान और सदमे में हैं।

हमले के बाद स्कूल परिसर और आसपास का माहौल डरावना हो गया। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए त्वरित कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि यह घटना केवल बच्चे की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे स्कूल और गांव की सुरक्षा के लिए चेतावनी है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर उसकी हालत निगरानी में रखी गई है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की चोटें गंभीर हैं, लेकिन वह फिलहाल खतरे से बाहर है। अस्पताल की टीम लगातार उसकी देखभाल कर रही है और संक्रमण या अन्य जटिलताओं को रोकने के लिए सभी जरूरी इलाज किया जा रहा है।

इस घटना ने ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। बीकानेर जिले में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है और इससे बच्चों और आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित नियंत्रण, टीकाकरण और जागरूकता अभियान जरूरी हैं। बच्चों को विशेष रूप से स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहना चाहिए, और स्कूलों में इसके लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा करना आवश्यक है।

घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में इस हमले को लेकर आक्रोश फैल गया है। लोग प्रशासन से आवारा कुत्तों पर सख्त कार्रवाई और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

बीकानेर जिले में यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पशु नियंत्रण और सुरक्षा उपाय पर ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर ऐसे हादसों को रोकने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा सकते हैं।

इस घटना ने यह भी याद दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ परिवार और स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें।

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