बीकानेर में स्कूल प्रधानाचार्य पर हमला, वीडियो में जानें जाति प्रमाण‑पत्र विवाद के चलते लाठी से पैर तोडा
श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कुंपालसर में 23 फरवरी को एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई, जिसमें एक युवक ने सरकारी स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल पर लाठी से हमला कर दिया। घटना के दौरान प्रिंसिपल का पैर टूट गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे में था और उसने अपने आक्रोश का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान नहीं किया।
प्रिंसिपल ने मीडिया को बताया कि घटना उस समय हुई जब उन्होंने युवक से जाति प्रमाण-पत्र के अधूरे दस्तावेजों पर साइन करने से मना किया। युवक इस बात पर भड़क गया और पहले गाली-गलौज करते हुए चाय की भगोनी ऊपर फेंक दी, उसके बाद लाठी उठाकर प्रिंसिपल पर हमला कर दिया। युवक ने कहा, “मुझे मुकदमे का डर नहीं, जो करना है कर ले।”
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। प्रिंसिपल को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि प्रिंसिपल के पैर में गंभीर चोट आई है और उन्हें आगे इलाज की आवश्यकता है।
श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
स्कूल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी अक्सर शराब पीकर विवाद पैदा करता था और यह पहली बार नहीं है जब उसने हिंसक प्रवृत्ति दिखाई। स्कूल प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा के अभाव में शिक्षक और प्रिंसिपल लगातार खतरे में रहते हैं और ऐसी घटनाओं से बच्चों और स्टाफ दोनों की सुरक्षा पर असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में सुरक्षा की व्यवस्था सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और निगरानी कैमरा जैसे उपाय अपनाए जाएं ताकि इस प्रकार की हिंसा पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सहयोग न करने या नियमों के पालन से इनकार करने पर नशे में व्यक्ति आक्रामक और हिंसक प्रतिक्रिया कर सकते हैं। प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
स्थानीय लोग और शिक्षक इस घटना से शोकित हैं। उनका कहना है कि प्रिंसिपल ने केवल नियमों का पालन करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्कूल में पढ़ाई प्रभावित हुई है और शिक्षक फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से सतर्क हैं।
इस घटना ने यह संदेश दिया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक और प्रिंसिपल की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है और स्थानीय प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की हिंसा दोबारा न हो।

