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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए लॉटरी निकली, फुटेज में देंखे 6.34 लाख आवेदनों के बीच तय हुआ प्राथमिकता क्रम

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए लॉटरी निकली, फुटेज में देंखे 6.34 लाख आवेदनों के बीच तय हुआ प्राथमिकता क्रम

राजस्थान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। यह लॉटरी शिक्षा संकुल में निकाली गई, जिसके माध्यम से छात्रों के प्रवेश के लिए प्राथमिकता क्रम तय किया गया।

जानकारी के अनुसार पहले लॉटरी की घोषणा सुबह 11:30 बजे की जानी थी, लेकिन बाद में समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया गया। हालांकि प्रक्रिया दोपहर करीब 1 बजे ही पूरी कर ली गई और अभिभावकों को इसकी सूचना मिलनी शुरू हो गई।

अब अभिभावक अपने बच्चों का परिणाम ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से देख सकते हैं। ई-मित्र पोर्टल पर लॉटरी में मिले क्रम के आधार पर यह तय होगा कि छात्र को किस निजी स्कूल में प्रवेश मिल सकता है।

इस वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए राज्यभर से करीब 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण इस बार प्रतिस्पर्धा भी काफी अधिक बताई जा रही है। लॉटरी के जरिए यह तय किया गया कि किन छात्रों को पहले प्रवेश का मौका मिलेगा।

आरटीई योजना के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है। इसके तहत निजी स्कूलों को अपनी कुल सीटों का एक निश्चित प्रतिशत ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है।

हालांकि इस प्रक्रिया के बीच निजी स्कूल संचालकों ने कुछ मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाओं की फीस का भुगतान सरकार की ओर से नहीं किया जा रहा है, जिससे स्कूलों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि सरकार समय पर फीस प्रतिपूर्ति नहीं करती है तो संस्थानों के लिए आरटीई सीटों का संचालन करना मुश्किल हो सकता है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई गई है, ताकि सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सके। अब अगले चरण में चयनित विद्यार्थियों के दस्तावेजों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे ई-मित्र या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति जांचें और निर्धारित समय में स्कूलों में आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं। राज्य में आरटीई के तहत हर साल बड़ी संख्या में बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलता है। इस बार भी लाखों अभिभावकों की नजर लॉटरी परिणाम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

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