मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में मां-बेटी के बैग से 1 करोड़ की ज्वेलरी और 8 लाख कैश चोरी, फुटेज में देंखे नोखा पहुंचकर चला पता
मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रही मां-बेटी के बैग से करीब एक करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 8 लाख रुपए नकद चोरी होने का मामला सामने आया है। दोनों महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर में एक परिचित के सगाई समारोह में शामिल होकर राजस्थान के नोखा लौट रही थीं। ट्रेन से उतरने के बाद वे सामान लेकर घर पहुंचीं और जब बैग खोला तो उसमें रखी लाखों रुपए की ज्वेलरी और नकदी गायब मिली। इसके बाद परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को दी। बीकानेर जीआरपी ने 14 सितंबर को चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जीआरपी के अनुसार घटना 12 सितंबर की बताई जा रही है। बीकानेर जीआरपी थानाधिकारी नेहा राजपुरोहित ने बताया कि देसलसर निवासी विक्रम राजपुरोहित की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनका परिवार महाराष्ट्र के वरूड़, जिला अमरावती में मिठाई का कारोबार करता है। परिवार के माता-पिता और अन्य सदस्य भी वहीं रहते हैं।
11 सितंबर को ट्रेन से रवाना हुई थीं मां-बेटी
रिपोर्ट के अनुसार विक्रम राजपुरोहित की मां मांगीदेवी और बहन डिंपल राजपुरोहित 11 सितंबर को नागपुर से नोखा आने के लिए मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। दोनों के टिकट एसी कोच बी-1 में थे। मांगीदेवी की सीट नंबर 25 और डिंपल की सीट नंबर 28 बताई गई है।
मां-बेटी अपने साथ दो ट्रॉली बैग के अलावा तीन-चार अन्य बैग लेकर यात्रा कर रही थीं। उन्होंने सभी सामान को कोच में अपनी सीट के नीचे सुरक्षित रख दिया था। यात्रा के दौरान दोनों को सामान के चोरी होने का अंदाजा नहीं हुआ।
घर पहुंचने पर खुला चोरी का राज
12 सितंबर को ट्रेन नोखा स्टेशन पहुंची। वहां परिवार के सदस्य दोनों को लेने के लिए स्टेशन पहुंचे। मां-बेटी ट्रेन से अपना सामान लेकर परिजनों के साथ गांव चली गईं। घर पहुंचने के बाद जब मांगीदेवी ने ट्रॉली बैग खोला और सामान की जांच की, तो परिवार के होश उड़ गए।
बैग में रखी करीब 70 तोला सोने की ज्वेलरी और आधा किलो चांदी के आभूषण गायब थे। इसके अलावा बैग में रखे 8 लाख रुपए नकद भी नहीं मिले। परिवार ने जब पूरे सामान की जांच की तो चोरी की जानकारी हुई। चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषणों की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है।
जीआरपी ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने बीकानेर जीआरपी को रिपोर्ट दी। पुलिस ने 14 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अब जीआरपी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रेन के किस स्टेशन या किस हिस्से में सामान से छेड़छाड़ हुई। पुलिस ट्रेन के संबंधित कोच में लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
मां-बेटी के बैग से इतनी बड़ी रकम और कीमती आभूषण चोरी होने के बाद पुलिस के सामने चोरों तक पहुंचने और चोरी का सामान बरामद करने की चुनौती है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है और घटना के दौरान ट्रेन में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

