बीकानेर में सीमा पार से डिजिटल खतरा, पाकिस्तानी कंट्री कोड कॉल्स से ग्रामीण और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट
बीकानेर जिले के खाजूवाला इलाके में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों ने हड़कंप मचा दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर ग्रामीणों के मोबाइल फोन पर पाकिस्तानी कंट्री कोड (+92) से कॉल्स आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोग सकते में हैं और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि ये कॉल्स केवल एक-दो नंबरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लगातार बढ़ती संख्या और पैटर्न से लगता है कि सीमा पार से किसी बड़े डिजिटल जाल को तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई कॉल्स रात के समय मोबाइल स्क्रीन पर चमकते दिखाई दी, जिससे उनकी नींद हराम हो गई।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल फोन कॉल का नहीं है, बल्कि डिजिटल निगरानी और साइबर जाल से जुड़ा हुआ हो सकता है। एजेंसियों ने खाजूवाला और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है और मोबाइल नेटवर्क और साइबर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी ग्रामीण और शहरी आबादी साइबर खतरों के प्रति अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे समय में नागरिकों को सतर्क रहना और असामान्य कॉल या मैसेज की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देना जरूरी है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात या संदिग्ध कॉल को तुरंत ब्लॉक करें और जरूरी होने पर केवल सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क करें। इसके अलावा, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए साइबर सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, बीकानेर के खाजूवाला इलाके में पाकिस्तानी कंट्री कोड से आने वाली कॉल्स ने ग्रामीणों में डर और सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता पैदा कर दी है। यह घटना साफ करती है कि अब सुरक्षा केवल भौतिक सीमा तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल मोर्चे पर भी सतर्कता और सतत निगरानी की जरूरत है।

