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बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 363 संतों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 363 संतों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया

खेजड़ी संरक्षण को लेकर बीकानेर में चल रहा आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। दिनभर चले महापड़ाव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शाम तक जारी महापड़ाव के बाद देर रात समाज के लोग कलेक्ट्रेट के पास स्थित बलने बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे और महापड़ाव दोबारा शुरू किया।

धरने में शामिल 363 संतों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। लोगों ने अपनी मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाया है और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका धरना जारी रहेगा। इस दौरान संतों के साथ कई भक्तों ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया। लोगों ने अपनी दृढ़ता का प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनकी यह लड़ाई खेजड़ी संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए है।

सोमवार देर रात सभी प्रदर्शनकारियों ने पहले पॉलिटेक्निक कॉलेज खाली कर दिया था। इसके बाद कई लोग पैदल तो कुछ वाहन में सवार होकर कलेक्ट्री परिसर पहुंचे। जब कुछ प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बावजूद इसके, धरना स्थल पर लोग शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है। लोगों का कहना है कि खेजड़ी के वृक्षों की कटाई और नुकसान से पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस आंदोलन के माध्यम से समाज का उद्देश्य प्रशासन और सरकार को खेजड़ी संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

धरने में शामिल लोग आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं, ताकि अपनी गंभीरता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया जा सके। वहीं भूख हड़ताल कर रहे लोगों का कहना है कि वे तब तक भोजन नहीं करेंगे जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाता।

इस आंदोलन में बिश्नोई समाज की संगठित भागीदारी दिखाई दे रही है। समाज के लोग हर प्रकार की बाधा और असुविधा के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल खेजड़ी संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और पारिस्थितिकी की सुरक्षा की दिशा में एक प्रतीक है।

पुलिस प्रशासन ने धरने के दौरान शांति बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों ने कहा कि धरने में शामिल लोगों से बातचीत जारी है और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन अब और अधिक संगठित और सक्रिय हो गया है। 363 संतों के अनिश्चितकालीन धरने और भक्तों की भूख हड़ताल ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। इस आंदोलन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन जल्द ही संतों और समाज की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाता है या नहीं।

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