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Bhopal बायपास बना सड़क दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट, लसूड़िया में 44, तेजाजीनगर में गई 32 जान
 

Bhopal बायपास बना सड़क दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट, लसूड़िया में 44, तेजाजीनगर में गई 32 जान

मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क, हाइवे पर चूक सड़क दुर्घटना का कारण बनती है और लोगों की जान चली जाती है. वर्ष 2022 के दस महीने यानी जनवरी से अक्टूबर तक की सड़क दुर्घटनाओं का आंकलन करने से पता चलता है कि शहरी इलाके में सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं में 44 मौतें लसूडिय़ा इलाके में हुई है, वह भी बायपास पर ज्यादा. दूसरे नंबर पर तेजाजीनगर थाना है और वहां भी बायपास का ही ब्लैक स्पॉट है.

वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले जिले में करीब 30 प्रतिशत ज्यादा मौतें हो चुकी है जिसे लेकर सभी गंभीर है. जनवरी से अक्टूबर तक 525 मौतें हुई है. इसमें से 302 मौतें ग्रामीण इलाके तो 223 मौतें शहरी इलाके में है. हाई वे एक्सीडेंट जोन बनकर उभरे है. पुलिस कमिश्नर कारणों की समीक्षा करवा रहे है ताकि सभी विभागों के साथ मिलकर इसे कम करने के लिए काम किया जा सके. महापौर व कलेक्टर ने ट्रैफिक सुधार को प्राथमिकताओं में शामिल किया है, इसलिए जल्द सुधार के प्रयास शुरू होने की उम्मीद है.
लसूड़िया में खतरा ज्यादा
सबसे ज्यादा मौतें लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुई है. दूसरे नंबर पर तेजाजीनगर और तीसरे पर थाना बाणगंगा है. सभी शहरी के बाहरी इलाके के थाने हैं और हाइवे से घिरे हुए हैं.
अंडरपास भी नहीं
टीआइ आरडी कानवा के मुताबिक, बायपास का रालामंडल चौराहा व कैलोद फाटा चौराहा एक्सीडेंट जोना है. अंडरपास नहीं होने से वाहन सीधे बायपास पर आते हैैं. एनएचएआइ को पत्र भी लिखे हैं.
रांग साइड बड़ी वजह
लसूड़िया टीआइ संतोष दूधी के मुताबिक, उनके क्षेत्र में बायपास पर ज्यादा दुर्घटना होती है. यहां भी मुख्य कारण वाहनों का रांग साइड आना है. शार्ट कट के चक्कर में रांग साइड आते हैं.

भोपाल न्यूज़ डेस्क !!!
 

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