ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 24,108 राशन कार्ड धारकों को दो माह से चावल मिलना बंद
छत्तीसगढ़ की राजधानी में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 24,108 राशन कार्ड धारकों को दो महीने से चावल मिलना बंद हो गया है। रायपुर खाद्य विभाग ने इतने सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटा दिए हैं। वहीं, राज्य में यह संख्या एक लाख से अधिक बताई जा रही है। नाम काटने की प्रक्रिया अभी भी जारी है और संख्या लगातार बढ़ रही है।
कार्ड रद्द करने के पीछे कई कारण हैं। इनमें से 362 कार्डधारकों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि गलत आधार संख्या के कारण 2,544 कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। 447 कार्ड के प्रमुख का नाम संशोधित किया गया है। इसके अलावा कार्ड रद्द होने के पीछे कई अन्य कारण भी सामने आ रहे हैं।
इसीलिए सत्यापन किया जा रहा है।
राजधानी में निरस्त कार्डों में त्रुटियां दुरुस्त करने तथा मुखिया की मृत्यु के बाद उनके परिजनों के नाम बहाल किए जा रहे हैं। इसके तहत 9,307 नये कार्ड भी बनाये गये हैं।
खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में करीब तीन लाख सदस्यों ने अभी तक ई-केवाईसी और सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न का आवंटन रोकने की कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर समेत पूरे प्रदेश में 76 लाख से ज्यादा राशन कार्डों का सत्यापन किया जाना था, ताकि फर्जी राशन कार्ड और एक ही नाम से बने कई कार्ड जैसी अनियमितताओं को खत्म किया जा सके।

