भिवाड़ी में दर्दनाक हादसा: दुग्गर फाइबर फैक्ट्री में भीषण आग, मजदूर जिंदा जला; अगले दिन मिला नर कंकाल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दुग्गर फाइबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बुधवार को भीषण आग लगने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि गुरुवार को फैक्ट्री परिसर से उसका नर कंकाल बरामद होने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई।
जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद फैक्ट्री में मौजूद अन्य मजदूरों ने किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर भागने में सफलता हासिल की, लेकिन मजदूर अर्जेंद्र कुमार आग की चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके। आग की भयावहता के चलते राहत और बचाव कार्य में भी काफी कठिनाइयां आईं।
गुरुवार को जब आग पर काबू पाने के बाद फैक्ट्री परिसर की तलाशी ली गई, तो वहां मजदूर अर्जेंद्र कुमार का नर कंकाल मिला। इस दर्दनाक दृश्य के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य श्रमिकों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने इस हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रारंभिक जांच में फायर सेफ्टी सिस्टम की कमी और आपातकालीन निकास व्यवस्था की लापरवाही को लेकर भी आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही फैक्ट्री के फायर NOC और प्रशासनिक निगरानी की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को उजागर कर दिया है।
सूचना मिलने के बाद प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को गहरा दुख दिया है, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच और आने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

