शिक्षा और बालिकाओं के सशक्तिकरण को लेकर आयोजित अभिभावक मेले में बड़ी संख्या में माता-पिता और छात्राएँ शामिल हुईं। इस मौके पर स्कूल की बच्चियों को साइकिल वितरण किया गया, जिससे वे न केवल स्कूल आने-जाने में सक्षम होंगी, बल्कि यह उन्हें स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ने का अवसर देगा।
कार्यक्रम में बताया गया कि साइकिल वितरण का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में ‘उड़ान’ भरने के लिए प्रेरित करना है। मेले में आए अभिभावकों ने कहा कि यह पहल बच्चों और विशेषकर बेटियों के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। माता-पिता ने इस कदम को सराहा और कहा कि इससे उनके बच्चों की पढ़ाई और जीवन में सुधार आएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मेले का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है ताकि स्कूल और परिवार के बीच समन्वय बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को साइकिल देने से उनकी शिक्षा में निरंतरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर बच्चों ने उत्साह के साथ साइकिल प्राप्त की और कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लिया। आयोजकों ने कहा कि यह पहल केवल भौतिक मदद ही नहीं, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास और समाज में बराबरी की भावना को मजबूत करने के लिए भी की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बालिकाओं को साइकिल जैसी छोटी-छोटी सुविधाएँ प्रदान करने से उनकी शिक्षा और सामाजिक भागीदारी में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यह कदम लड़कियों के सशक्तिकरण और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
मेले में उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वह अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, की शिक्षा और विकास में सक्रिय रूप से भाग लें। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों को सुविधा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता और परिवार की भागीदारी बढ़ाना भी था।
इस प्रकार इस मेले ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है, और जब बेटियाँ सक्षम और आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज का विकास पूर्ण रूप से संभव होगा।

