ऑनलाइन गेम की लत ने बनाया चोर, फुटेज में जानें 14 साल के बच्चे ने पड़ोसी के घर तीन बार की चोरी, ज्वेलर समेत 3 गिरफ्तार
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेम की लत ने 14 साल के नाबालिग को चोरी जैसे अपराध की राह पर धकेल दिया। रिचार्ज के पैसे जुटाने के लिए बच्चे ने पड़ोस के घर में तीन बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में नाबालिग को डिटेन कर लिया है, जबकि चोरी का सामान खरीदने वाले ज्वेलर और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया गया है।
थाना प्रभारी कैलाश चंद्र ने बताया कि 20 जनवरी को एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के इलाके में दो मकान हैं, जिनमें से एक मकान रात के समय खाली रहता है। इसी खाली मकान को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं सामने आईं।
जांच में सामने आया कि नाबालिग ने पहली बार घर में घुसकर नकदी चुराई। जब किसी को इसकी भनक नहीं लगी, तो उसने दूसरी बार फिर खिड़की के रास्ते घर में प्रवेश कर कैश उठा लिया। लगातार सफलता मिलने के बाद उसके हौसले बढ़ गए और तीसरी बार उसने करीब साढ़े तीन लाख रुपए नकद और लाखों रुपए के गहने चोरी कर लिए।
पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मोबाइल पर ऑनलाइन गेम ‘फायरफॉक्स’ खेलता था, जिसमें रिचार्ज की जरूरत पड़ती थी। जब भी उसका रिचार्ज खत्म होता, वह चोरी के पैसों से दोबारा रिचार्ज करवाता था।
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि गेमिंग की लत ने उसे बार-बार चोरी करने के लिए मजबूर किया। चोरी के पैसों से उसने गेमिंग और अन्य खर्च पूरे किए। पुलिस ने चोरी की ज्वेलरी खरीदने वाले एक ज्वेलर और नाबालिग के एक साथी को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है और चोरी गया सामान बरामद करने की कोशिश में जुटी है। नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत चिंता का विषय बनती जा रही है। अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों और डिजिटल इस्तेमाल पर नजर रखने की जरूरत है, ताकि वे किसी गलत दिशा में न भटकें। यह मामला न सिर्फ अपराध, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जागरूकता की भी जरूरत को उजागर करता है।

