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भीलवाड़ा में मानवता शर्मसार, फुटेज में देखें सड़क पर फेंकी गई नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत, जानवरों ने नोचा शव

भीलवाड़ा में मानवता शर्मसार, फुटेज में देखें सड़क पर फेंकी गई नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत, जानवरों ने नोचा शव

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवजात बच्ची को निर्दयता से सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिसके बाद आवारा जानवरों ने उसे पूरी तरह नोच डाला। इस दर्दनाक घटना में मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

यह मामला भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे एक प्लास्टिक के कट्टे में नवजात बच्ची को पड़ा हुआ देखा। जब लोग पास पहुंचे तो कट्टा फटा हुआ था और बच्ची का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। आशंका जताई जा रही है कि आवारा कुत्तों या अन्य जानवरों ने बच्ची को नोच डाला।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत बनेड़ा थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यह दृश्य बेहद भयावह था और किसी का भी दिल दहल जाए।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजात बच्ची को सड़क पर किस हालात में छोड़ा गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची को पहले से मृत अवस्था में यहां फेंका गया था या फिर जिंदा छोड़ने के बाद जानवरों के हमले से उसकी मौत हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को किसने और कब यहां छोड़ा। इसके साथ ही नजदीकी अस्पतालों, नर्सिंग होम और आंगनबाड़ी केंद्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे बच्ची के जन्म से जुड़े सुराग मिल सकें।

इस घटना के बाद क्षेत्र में गुस्से और दुख का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को दर्शाती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

 इस तरह की घटनाएं सामाजिक जागरूकता की कमी और अवैध प्रसव जैसी समस्याओं की ओर भी इशारा करती हैं। प्रशासन द्वारा नवजात शिशुओं की सुरक्षा और महिला स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चलाए जा रहे अभियानों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पूरे जिले में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक मासूम की जान लेने वालों को कब तक सजा मिलेगी और कब समाज ऐसी अमानवीय घटनाओं से मुक्त हो पाएगा।

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