भीलवाड़ा में अनोखा ‘बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन’, वीडियो में देंखे 80 साल तक के 105 प्रतिभागी पहुंचे
भीलवाड़ा में अक्षय तृतीया के अवसर पर एक अनोखा और प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला। यहां आयोजित ‘बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन’ में देशभर से करीब 105 बुजुर्गों ने भाग लिया, जिनकी उम्र 80 साल तक रही। इस कार्यक्रम ने समाज में बदलती सोच और जीवन के हर पड़ाव पर साथी की जरूरत को उजागर किया। सम्मेलन में कई भावुक और प्रेरक कहानियां सामने आईं। एक ओर जहां छोटी बहन अपनी बड़ी बेटी के लिए जीवनसाथी की तलाश में पहुंची वहीं 80 वर्षीय एक मां अपनी 55 साल की बेटी के साथ इस आयोजन में शामिल हुई। मां ने बताया कि दामाद के निधन के बाद उनकी बेटी अकेली हो गई है, इसलिए उसके लिए एक उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश में वे यहां आई हैं।
इस कार्यक्रम में गुजरात से आई एक महिला की कहानी भी चर्चा का केंद्र बनी रही। उन्होंने बताया कि शादी के महज चार साल बाद एक हादसे में उनके पति का निधन हो गया था। इस घटना को अब 28 साल बीत चुके हैं। इस दौरान उन्होंने अकेले ही परिवार की सभी जिम्मेदारियां निभाईं और अपने बच्चों की परवरिश कर उनकी शादी भी करवाई।महिला ने कहा कि अब जब सभी जिम्मेदारियां पूरी हो चुकी हैं, तो जीवन में एक बार फिर साथी की कमी महसूस हो रही है। ऐसे में उन्होंने इस सम्मेलन के जरिए अपने लिए जीवनसाथी तलाशने का फैसला किया।
इस ‘बुजुर्ग विवाह परिचय सम्मेलन’ का उद्देश्य उन लोगों को एक मंच प्रदान करना है, जो जीवन के उत्तरार्ध में अकेलापन महसूस कर रहे हैं और एक साथी की तलाश में हैं। आयोजकों का कहना है कि समाज में इस तरह के प्रयासों से बुजुर्गों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती सामाजिक संरचना और एकल परिवारों के बढ़ते चलन के बीच बुजुर्गों के लिए ऐसे मंच बेहद जरूरी हो गए हैं। यह न केवल उन्हें भावनात्मक सहारा देता है, बल्कि उन्हें एक नई शुरुआत का अवसर भी प्रदान करता है।यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर companionship (साथ) की जरूरत खत्म नहीं होती। भीलवाड़ा में हुआ यह सम्मेलन समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आया है कि खुशहाल जीवन के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है।

