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भरतपुर के अंबेडकर छात्रावास में 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, परीक्षा से पहले दर्दनाक कदम

भरतपुर के अंबेडकर छात्रावास में 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, परीक्षा से पहले दर्दनाक कदम

राजस्थान के भरतपुर शहर में हाउसिंग बोर्ड के पास स्थित राजकीय अंबेडकर छात्रावास में एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की दुखद घटना सामने आई है। छात्र ने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जब छात्रावास का चौकीदार छात्रों को नाश्ते के लिए जगाने पहुंचा, तो संबंधित छात्र का कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर संदेह हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो छात्र का शव पंखे के कुंडे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। कमरे से किसी प्रकार का सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस बारे में आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि छात्र के 12 फरवरी से 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। वह रविवार को ही अपने घर से छात्रावास लौटा था। परीक्षा से ठीक पहले इस तरह का कदम उठाने की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन छात्रावास पहुंचे। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छात्रावास के अन्य छात्र भी इस घटना से सदमे में हैं।

पुलिस का कहना है कि छात्र की मानसिक स्थिति, पढ़ाई का दबाव या अन्य किसी व्यक्तिगत कारण की जांच की जा रही है। साथ ही उसके परिवार और मित्रों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि घटना के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके।

यह घटना एक बार फिर परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव रहता है, ऐसे में परिवार और शिक्षकों को बच्चों की भावनात्मक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो नजदीकी परिजन, शिक्षक या परामर्शदाता से बात करना बेहद जरूरी है। समय पर सहायता कई अनहोनी घटनाओं को रोक सकती है।

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