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POCSO मामले में पुलिस लापरवाही के आरोप, वीडियो में जाने 13 वर्षीय पीड़िता को न्याय न मिलने पर परिजनों में आक्रोश

POCSO मामले में पुलिस लापरवाही के आरोप, वीडियो में जाने 13 वर्षीय पीड़िता को न्याय न मिलने पर परिजनों में आक्रोश

भरतपुर में एक गंभीर POCSO मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 13 वर्षीय नाबालिग से जुड़े इस कथित दुष्कर्म मामले में पीड़िता के परिजनों ने थाना पुलिस और SHO पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जांच में खामियों के चलते आरोपी को जमानत मिल गई और पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल सका है।

मामले के अनुसार, 75 वर्षीय एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी पर 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप है। यह घटना 31 मार्च 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि घटना के दौरान पीड़िता का 10 वर्षीय भाई घर पर मौजूद था और उसने छुपकर मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

परिजनों का दावा है कि बच्चे ने यह वीडियो बाद में परिवार को दिखाया और पूरी घटना की जानकारी दी। इतना ही नहीं, कोर्ट के समक्ष भी बच्चे ने वीडियो से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की, जिसके बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।

हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि SHO ने न तो रेप से संबंधित वीडियो को कोर्ट में साक्ष्य के रूप में पेश किया और न ही पीड़िता के कपड़ों को महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर शामिल किया गया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान आरोपी पक्ष ने उन्हें धमकाकर पीड़िता के बयान बदलवा लिए, जिससे केस कमजोर पड़ गया। उनका कहना है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता और ढिलाई के कारण आरोपी को जमानत मिल गई और वह फिलहाल बाहर है।

इस पूरे घटनाक्रम से पीड़िता का परिवार न्याय की उम्मीद में भटक रहा है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रहा है। परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पुलिस जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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