भरतपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ने लगाई फांसी, पहले हुआ फरार, एक दिन पहले हुई थी कोर्ट में पेशी
राजस्थान के भरतपुर के सेवर स्थित सेंट्रल जेल की उच्च सुरक्षा बैरक में एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी पोक्सो मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। कुछ दिन पहले वह आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया था, जिसके बाद करौली पुलिस ने उसे भरतपुर पुलिस को सौंप दिया था। अदालत में पेश करने के बाद कैदी को जेल भेज दिया गया। सूचना मिलने के बाद जेल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर आरबीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया।
वार्ड में एक और कैदी था।
सेवर थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि शाम चार बजे सेवर जेल के जेलर मुकेश मीना ने सूचना दी कि राजवीर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक जेल की बैरक नंबर 5 में था। उसी वार्ड में एक और कैदी था, जो सो रहा था। पुलिस टीम ने कैदी के शव को नीचे उतारा। फिलहाल उनका शव आरबीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है। मृतक को करौली पोक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से भाग गया
5 मई को बलराम आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया था। 19 मई को पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया और 20 मई को जेल भेज दिया। मृतक ने दुपट्टे का फंदा बनाकर वेंटिलेटर से लटककर जान दे दी।
दरअसल, आरोपी बलराम (35) को 3 मई को आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि उसकी तबीयत खराब थी। लेकिन 5 मई को बलराम आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड से फरार हो गया। 19 मई को बलराम को करौली पुलिस ने गिरफ्तार कर भरतपुर पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद उसे 20 मई को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद भरतपुर कोर्ट ने उसे वापस सेवर जेल भेज दिया। इसके बाद 21 मई को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

