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Bhagalpur ऑपरेशन करने में हड्डी से आगे है सर्जरी विभाग
 

Bhagalpur ऑपरेशन करने में हड्डी से आगे है सर्जरी विभाग


बिहार न्यूज़ डेस्क  पूर्वी बिहार, कोसी-सीमांचल व झारखंड के तीन जिलों के मरीजों के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले मायागंज अस्पताल में प्रतिमाह पांच से छह हजार मरीज भर्ती होकर इलाज कराते हैं तो इन्हीं मरीजों में से औसतन 1800 से 1900 मरीजों का छोटा-मोटा ऑपरेशन किया जा रहा है.
सबसे ज्यादा ऑपरेशन अस्पताल के हड्डी एवं सर्जरी विभाग में हो रहा है, लेकिन हड्डी विभाग में जितने मरीजों का ऑपरेशन हो रहा है, उनमें करीब नौ गुना ज्यादा तो सर्जरी विभाग से लेकर इमरजेंसी के सीओटी यानी कैजुअल्टी ऑपरेशन थिएटर में आपरेशन किए जा रहे हैं. मायागंज अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, हड्डी एवं सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सितंबर माह में 2013 तो अक्टूबर माह में 1855 मरीजों का ऑपरेशन किया.

हड्डी रोग विभाग में बनी टीमों में सबसे ज्यादा डॉ. गोविंद मोहन की टीम ने तो सर्जरी विभाग में बनी टीमों में सबसे ज्यादा डॉ. सीएम उपाध्याय की टीम ने ऑपरेशन किया. हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने सितंबर माह में 202 तो अक्टूबर माह में 185 ऑपरेशन किया. इनमें डॉ. गोविंद मोहन की टीम ने दोनों माह में कुल मिलाकर 165 व डॉ. डीके सिंह व डॉ. मसीह आजम की टीम ने 111-111 ऑपरेशन किया. वहीं सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सितंबर माह में 1811 व अक्टूबर माह में 1670 ऑपरेशन किया. इसमें नंबर एक पर डॉ. सीएम उपाध्याय तो नंबर दो पर मृत्युंजय कुमार की टीम रही. जितनी संख्या में इन दोनों विभागों में मरीजों का ऑपरेशन होता जा रहा है, उतनी ही संख्या में मरीज ऑपरेशन के लिए आ रहे हैं. यही कारण है कि ऑपरेशन रोजाना होने के बावजूद इन दोनों विभागों में भर्ती मरीजों को सात से लेकर 10 दिनों तक ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. यहां तक कि दोनों विभागों में 100-100 बेड के अलावा 15 से 20 बेड अतिरिक्त बिछाये गये हैं. बावजूद यहां पर बेडों के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ता है.
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज के साथ ऑपरेशन की संख्या भी बढ़ी है. हम अस्पताल की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत हैं.
डॉ. असीम कुमार दास, अधीक्षक मायागंज अस्पताल

भागलपुर न्यूज़ डेस्क

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