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Bhagalpur लाजपत पार्क में मेला पर विरोध के साथ समर्थन के सुर भी बुलंद, ज्ञापन में कहा गया है कि मैदान में किसी प्रकार के मेला पर लगी है रोक
 

Bhagalpur लाजपत पार्क में मेला पर विरोध के साथ समर्थन के सुर भी बुलंद, ज्ञापन में कहा गया है कि मैदान में किसी प्रकार के मेला पर लगी है रोक


बिहार न्यूज़ डेस्क  लाजपत पार्क में डिज्नीलैंड मेला को लेकर अब विरोध और समर्थन दोनों के लिए आवाज बुलंद हो रही है.  लाजपत पार्क बचाओ अभियान समिति की ओर से प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर डिज्नीलैंड मेला लगने पर रोक लगाने की मांग की गई. वहीं दूसरे दिन मनोज गुप्ता के नेतृत्व में कई लोगों ने डिज्नीलैंड मेला लगाने के निर्णय का समर्थन किया है. यह भी कहा गया है कि इसके लिए वे लोग भी अधिकारियों से मिलेंगे.

लाजपत पार्क मैदान में डिज्नीलैंड मेला का विरोध कर रहे लोगों ने प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि अगर यहां डिज्नीलैंड मेला लगाया जाता है तो इससे पार्क का स्वरूप बदल जाएगा. पूर्व में इस पार्क में किसी भी तरह का मेला या शादी समारोह नहीं करने का निर्णय निगम की स्थायी समिति में लिया गया है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि लाजपत पार्क मैदान में किसी प्रकार के आयोजन पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है. इसलिए जनहित में लाजपत पार्क में भी मेला के आयोजन पर रोक लगायी जाय. ज्ञापन देने वालों में समिति के महामंत्री विनय कुमार सिन्हा, अशोक कुमार सिंह, गिरीश प्रसाद यादव, संगीता तिवारी आदि शामिल थीं. इधर, भारत की जनवादी नौजवान सभा डीवाईएफआई की बैठक दीपनगर कार्यालय में मनोहर मंडल की अध्यक्षता में हुई. जिसमें डीवाईएफआई के जिला संयोजक वह पूर्व राज्य कमेटी सदस्य मनोज कुमार गुप्ता ने लाजपत पार्क मैदान में बच्चों के मनोरंजन के लिए डिज्नीलैंड मेला का आयोजन के लिए नगर निगम प्रशासन व प्रशासन को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि मेला लगने से स्लम एरिया के लगभग 700 लोगों को रोजगार मुहैया होगा, लेकिन कुछ लोग मेला नहीं लगने देना चाहते हैं. इस बैठक में मोहम्मद फैज अहमद,रायमल गुप्ता, मनोहर मंडल, सोनू दास, विक्रम कुमार, सीमा देवी, रेखा देवी, उर्मिला देवी आदि मौजूद थी.
निगम प्रशासन ने निकाला नगरपालिका अधिनियम से काट
 नगर आयुक्त कार्यालय नहीं पहुंचे थे, लेकिन ऑफिस के कर्मचारियों ने बताया कि नगरपालिका अधिनियम में यह स्पष्ट है कि अगर किसी कारण से आम निर्वाचन नहीं होता है तो नगरपालिका की तमाम शक्तियां सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक में निहित हो जाएंगी.  इस अधिनियम से संबंधित धारा की स्कैन कॉपी भी दिखायी गई. यह भी बताया गया कि पूर्व के बोर्ड में जो निर्णय हुआ उसके प्रोसेडिंग में रोक की बात है लेकिन एक बिंदु यह भी है कि नगर आयुक्त स्वविवेक से परिस्थिति आने पर निर्णय ले सकते हैं.

भागलपुर न्यूज़ डेस्क
 

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