बिहार न्यूज़ डेस्क नगर निकायों में रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन ने अधिवेशन भवन में नगर प्रबंधकों को नियोजन पत्र सौंपते हुए यह घोषणा की.
उन्होंने बहाली प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए. मौके पर उन्होंने 65 नगर प्रबंधकों को नियोजन पत्र सौंपा. इनमें 19 महिलाएं हैं. नवनियुक्त नगर प्रबंधकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी एक नए ऊर्जा के साथ काम करें. विभाग एवं खुद को नए मुकाम तक पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी नगर प्रबंधकों को वरीय अधिकारियों से गाइडलाइन मिलती रहेगी ताकि वे खुद को एक बेहतर सिटी मैनेजर के रूप में विकसित कर पाएं.
नगर प्रबंधकों की टीम निकायों में संचालित योजनाओं के कार्यान्वयन में आ रही कठिनाइयों और समस्याओं का निष्पादन करेगी. सभी नगर प्रबंधक केन्द्र तथा राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे. नगर निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार तथा राजस्व उन्नयन के लिए सुझाव व कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे. इनके द्वारा राज्यस्तीर योजना जैसे कि मुख्यमंत्री निश्चय योजना, जल जीवन हरियाली योजना, पेय जलापूर्ति योजना, सम्राट अशोक भवन निर्माण, स्ट्रीट लाइट, शवदाह गृह, बस स्टैंड एवं केन्द्र प्रायोजित योजनाओं का कार्यान्वयन भी किया जाएगा. इस दौरान विभाग के सचिव अभय सिंह, संयुक्त सचिव वर्षा सिंह, आवास बोर्ड के प्रबंधक निदेशक राजीव कुमार, पटना नगर आयुक्त अनिमेष पराशर आदि मौजूद रहे.
आंबेडकर पर कांग्रेस को बोलने का हक नहीं मनीष
लोजपा (रा.) के प्रवक्ता मनीष सिंह ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के बयान को कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के नेता तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं. बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को बोलने का कोई नैतिक हक नहीं है. कांग्रेस पार्टी ने जीते जी बाबा साहब की उपेक्षा की. जहां से आंबेडकर चुनाव लड़ते थे, वहां से कांग्रेस मजबूत उम्मीदवार खड़ा करती थी ताकि वे संसद न पहुंच पाए. कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार ने आंबेडकर को अप्रासंगिक बनाने में कोई कोर नहीं छोड़ा.
आखिर वो कौन से कारण थे कि डॉ.आंबेडकर की मृत्यु के 37 साल तक उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया?
बेगूसराय न्यूज़ डेस्क

