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Basti  गोदाम में पर्याप्त खाद, समितियों पर संकट, मुख्यालय पर पर्याप्त मात्रा में खाद होने के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर वितरण की व्यवस्था नाकाफी
 

Basti  गोदाम में पर्याप्त खाद, समितियों पर संकट, मुख्यालय पर पर्याप्त मात्रा में खाद होने के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर वितरण की व्यवस्था नाकाफी

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   गेहूं की बुवाई के साथ ही इन दिनों खाद खासतौर से डीएपी की सबसे अधिक डिमांड है. मुख्यालय पर पर्याप्त मात्रा में खाद होने के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर वितरण की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. समितियों से खाद की डिमांड के अनुसार उसकी आपूर्ति की व्यवस्था बनाई गई है, उसमें लोच के चलते समय से खाद नहीं पहुंच पा रही है.

समितियों की तरफ से खाद की मांग होती है. एआर की तरफ से आवंटन होता है. पीसीएफ भुगतान लेकर डिस्पैच आर्डर काटता है. इसके बाद समिति को खाद मिलनी चाहिए, लेकिन यहीं पर देरी हो रही है. जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. एक साथ सभी समितियों से डिमांड आने पर खाद की सप्लाई एक ही दिन में कर पाना एक ठेकेदार के लिए मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अगर आपूर्ति के विकल्प को बढ़ाया जाए तो यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. वर्तमान समय में सबसे ज्यादा डीएपी की डिमांड है. कई समिति पर डीएपी की आपूर्ति होने के चंद घंटों में उसकी बिक्री हो जाती है. इसके बाद स्टॉक शून्य हो जाता है.
समिति से डिमांड भेजने के बाद आपूर्ति में दो से तीन दिन तक का समय लग जाता है. इस बीच खाद की आवश्कता के चलते किसानों को परेशान होना पड़ता है और प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदनी पड़ती है.
एक हफ्ते में रैक आने की उम्मीद जिले में डीएपी और यूरिया की उपलब्धता है. कृषि विभाग के अनुसार एक हफ्ते में रैक आने की उम्मीद है. जिले में डीएपी की कुल डिमांड 8000 एमटी और यूरिया की 12000 एमटी है. अभी तक इसके मुकाबले डीएपी 5800 एमटी प्राप्त हो चुकी है तो यूरिया 11200 एमटी का आवंटन हो चुका है. जिले में करीब छह हजार एमटी यूरिया का स्टॉक रिजर्व में रखा गया है. जबकि डीएपी की डिमांड को देखते हुए इसकी आपूर्ति को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.


बस्ती  न्यूज़ डेस्क
 

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