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वीडियो में देखें पानी संकट को लेकर बाड़मेर में जमीन पर धरने पर बैठे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बोले- जब तक पानी नहीं देंगे मैं बैठा रहूंगा

वीडियो में देखें पानी संकट को लेकर बाड़मेर में जमीन पर धरने पर बैठे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बोले- जब तक पानी नहीं देंगे मैं बैठा रहूंगा

राजस्थान के बाड़मेर जिले में पानी की गंभीर समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सामने आया है। शिव विधानसभा क्षेत्र के हरसाणी गांव में लंबे समय से जारी जल संकट के विरोध में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार को अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए। वे ग्रामीणों की समस्या को लेकर बाड़मेर स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचे, जहां पहले कुर्सी पर बैठे, लेकिन समाधान को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कुर्सी छोड़कर अधिकारी के सामने जमीन पर बैठ गए।

मामला जिले की शिव विधानसभा के हरसाणी गांव का है, जहां लंबे समय से लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति ठप होने से हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोग मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर उतर आए हैं। बीते दो दिनों से कस्बे के ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं और प्रशासन से पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के आंदोलन के समर्थन में बुधवार को हरसाणी गांव के लोगों ने रैली निकाली और बाजार बंद रखा। पानी की समस्या को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों की आवाज को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार दोपहर करीब एक बजे बाड़मेर स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचे। वे सीधे एईएन परशुराम वर्मा के चैंबर में गए और वहां धरने पर बैठ गए। शुरुआत में विधायक कुर्सी पर बैठे और अधिकारियों से पानी की समस्या के समाधान को लेकर बातचीत की, लेकिन जब उन्हें कोई स्पष्ट और ठोस जवाब नहीं मिला तो उन्होंने विरोध का तरीका बदल लिया।

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कुर्सी छोड़ दी और अधिकारी के सामने जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक हरसाणी गांव के लोगों को पानी नहीं मिलेगा, तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे। विधायक का यह कदम प्रशासन के प्रति नाराजगी और ग्रामीणों की पीड़ा को दर्शाता है।

धरने की सूचना मिलते ही जलदाय विभाग कार्यालय में हलचल मच गई। अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और विधायक को समझाने का प्रयास किया गया। विधायक ने अधिकारियों से जल्द से जल्द गांव में पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विधायक के धरने पर बैठने की खबर फैलते ही ग्रामीणों और समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि द्वारा जनता की समस्या को गंभीरता से उठाने का उदाहरण बताया। फिलहाल प्रशासन की ओर से समाधान को लेकर आश्वासन दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन गांव में पानी कब पहुंचेगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

हरसाणी गांव में पानी संकट को लेकर अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विधायक के इस कदम के बाद उनकी वर्षों पुरानी समस्या का जल्द समाधान निकलेगा।

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