बाड़मेर में धरना दे रहे मजदूर की मौत पर बवाल: मॉर्च्युरी में धरने पर बैठे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, वीडियो में देंखे प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान के बाड़मेर जिले के गिरल क्षेत्र में माइंस के खिलाफ चल र धरने के दौरान एक मजदूर की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग ले गया। रविंद्र सिंह भाटी जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। विधायक ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की गई, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई है।
दो महीने से धरने पर बैठे हैं मजदूर
जानकारी के अनुसार, गिरल गांव में मजदूर पिछले करीब दो माह से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर माइंस के बाहर धरना दे रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगों पर न तो कंपनी और न ही प्रशासन ने गंभीरता से ध्यान दिया।धरने के दौरान मौजूद मजदूर जैसाराम की मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी मजदूरों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
समय पर नहीं मिली चिकित्सा सुविधा
धरना स्थल पर मौजूद लोगों का आरोप है कि जैसाराम की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें पहले भाड़खा अस्पताल ले जाया गया और बाद में बाड़मेर रेफर किया गया। इस दौरान एंबुलेंस और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं।मजदूरों का कहना है कि पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जातीं तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि मजदूर लंबे समय से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया, "प्रशासन के निरंकुश और तानाशाही रवैये के कारण आज यह मौत हुई है। गरीब मजदूर जैसाराम की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।"भाटी ने मृतक के परिवार को न्याय, उचित मुआवजा और मजदूरों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल परिसर में बढ़ी हलचल
मजदूर की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर और मॉर्च्युरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही धरनारत मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की गई है।फिलहाल प्रशासन की ओर से मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मजदूरों का आंदोलन और इस घटना को लेकर विरोध जारी रहने की संभावना है।

