भारत-पाक सीमा से गुजरात ले जाई जा रही 5 किलो मेथामफेटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, व्हाट्सऐप नेटवर्क का खुलासा
भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से डंप की गई 5 किलो मेथामफेटामाइन ड्रग्स को गुजरात ले जाते समय दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को उस समय पकड़ा जब वे नशीले पदार्थ की खेप को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। बरामद की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
मामले की जांच अब गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह तस्करी नेटवर्क पूरी तरह डिजिटल माध्यमों, विशेषकर व्हाट्सऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में फैले हुए हैं और वे आपस में संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड चैट और कोड वर्ड्स का उपयोग करते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों से बचा जा सके।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह खेप सीमा पार से किस माध्यम से भारत में लाई गई थी।
इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया गया है।
कुल मिलाकर, 5 किलो मेथामफेटामाइन की बरामदगी और दो तस्करों की गिरफ्तारी ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसकी जांच अभी जारी है।

