बाड़मेर स्कूल में पंखा गिरने से दो बच्चे घायल, फुटेज में देंखे अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के बाड़मेर जिले में सोमवार सुबह एक सरकारी स्कूल में हादसा हो गया, जिसमें दो स्टूडेंट घायल हो गए। घटना सांसियों का तला उच्च प्राथमिक स्कूल में सुबह लगभग 10 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, प्रार्थना सभा के बाद बच्चे क्लास में लौट रहे थे कि अचानक पंखा हुक सहित दोनों बच्चों के सिर पर गिर गया।
हादसे में पहली क्लास के छात्र मनीष पुत्र अर्जुनराम और दूसरी क्लास में पढ़ने वाले मनीष पुत्र जबाराराम गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय क्लास में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल स्टाफ और आसपास के लोग तुरंत बच्चों को बाड़मेर के सरकारी जिला अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोगों और शिक्षकों के अनुसार, पंखा अचानक गिरने से बच्चों में डर और आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई। एक छात्र अपनी मां को देखकर रोने लगा, जिसे देखकर मां ने उसे गोद में लेकर दुलारा। परिजन और स्कूल स्टाफ ने बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और उनकी देखभाल की।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि यह हादसा तकनीकी खराबी या पंखे की मजबूती में कमी के कारण हुआ हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी पंखों और स्कूल उपकरणों की सुरक्षा जांच नियमित रूप से की जाएगी।
मकान और स्कूल की सुरक्षा के विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में अक्सर पुराने पंखे और उपकरण लगे होते हैं, जिन्हें समय-समय पर निरीक्षण की जरूरत होती है। छोटे बच्चों के लिए क्लासरूम में सुरक्षा मानकों का पालन न होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग भी मौके पर पहुंचे और बच्चों के हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी क्लासरूम की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखा जाए।
स्थानीय अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।
अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि दोनों बच्चों की हालत स्थिर है और फिलहाल कोई गंभीर खतरा नहीं है। हालांकि, उन्हें निगरानी में रखा गया है और आवश्यक उपचार जारी है।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि स्कूलों में सुरक्षा उपायों का पालन और उपकरणों का नियमित निरीक्षण कितना महत्वपूर्ण है। छोटे बच्चों के क्लासरूम में उपकरणों की मजबूती और सुरक्षा बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए अहम है।
बाड़मेर स्कूल में हुई यह घटना बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चेतावनी का संदेश है। स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का मौका मिले।

