राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर सैन्य बलों की सुगम आवाजाही और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई भारतमाला परियोजना अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, बाड़मेर जिले से गुजरने वाले इस हाईवे पर पुलिस थाना या चौकी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण संदिग्ध गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके चलते इस मार्ग का उपयोग आपराधिक तत्वों द्वारा किया जाने लगा है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस क्षेत्र में ड्रग तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सीमावर्ती इलाका होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारतमाला जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साथ-साथ सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत किया जाना आवश्यक है। हाईवे पर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, चेक पोस्ट और निगरानी व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर ध्यान दिया जा रहा है और संभावित खतरों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कुल मिलाकर, भारतमाला परियोजना जहां एक ओर विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी के कारण यह अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनती नजर आ रही है, जिसे जल्द दूर करना जरूरी माना जा रहा है।

