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बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस विवाद गहराया, वीडियो में जाने विधायक रविंद्र सिंह भाटी धरने पर डटे; 30 दिन से जारी है ग्रामीणों का आंदोलन

बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस विवाद गहराया, वीडियो में जाने विधायक रविंद्र सिंह भाटी धरने पर डटे; 30 दिन से जारी है ग्रामीणों का आंदोलन

राजस्थान के Barmer जिले में गिरल लिग्नाइट माइंस को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक Ravindra Singh Bhati पिछले पांच दिनों से श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार चौथी रात भी धरनास्थल पर ही किसानों और स्थानीय लोगों के साथ गुजारी।गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर ग्रामीणों का धरना पिछले 30 दिनों से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खनन क्षेत्र में स्थानीय लोगों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

धरने पर बैठे Ravindra Singh Bhati ने कहा कि माइंस में कार्यरत स्थानीय मजदूरों और ड्राइवरों के साथ लंबे समय से अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके के युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।विधायक भाटी ने साफ कहा कि जब तक स्थानीय लोगों की मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे। उनके अनुसार यह आंदोलन केवल रोजगार का मुद्दा नहीं है, बल्कि क्षेत्र के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा हुआ सवाल है।

धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और मजदूर शामिल हैं, जो खनन परियोजना में स्थानीय भागीदारी और रोजगार की गारंटी की मांग कर रहे हैं। लगातार जारी आंदोलन के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।प्रशासन की ओर से अब तक बातचीत के प्रयास किए गए हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के औद्योगिक और खनन विवादों में स्थानीय रोजगार, पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। फिलहाल आंदोलन जारी है और सभी की नजरें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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