बाड़मेर में PWD ठेकेदार भजनलाल विश्नोई के ऑफिस पर IT की रेड, फुटेज में देंखे चार गाड़ियों में पहुंची टीम
राजस्थान के बाड़मेर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदार भजनलाल विश्नोई के ठिकाने पर मंगलवार को इनकम टैक्स (IT) विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम चौहटन सर्किल के पास स्थित ठेकेदार के ऑफिस पहुंची और वहां दस्तावेजों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की टीम फर्म के वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स विभाग की टीम करीब चार गाड़ियों में शाम 5 बजे ठेकेदार के ऑफिस पहुंची। टीम के ऑफिस पहुंचते ही वहां आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए।
देर रात तक जारी रही जांच
कार्रवाई के दौरान भजनलाल विश्नोई भी ऑफिस में मौजूद थे। आयकर विभाग की टीम ने ऑफिस के दस्तावेजों की जांच के साथ फर्म से जुड़े लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगाला। देर रात तक अधिकारियों की सर्च कार्रवाई जारी रही।फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच के दौरान टीम को कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है या नहीं। विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की वजह और इसके परिणामों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस से करीबी को लेकर चर्चा
भजनलाल विश्नोई को कांग्रेस का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि वह कांग्रेस की ओर से निकाली गई सद्भावना यात्रा में भी शामिल हुए थे। इसी राजनीतिक कनेक्शन के चलते आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, छापेमारी की वास्तविक वजह फिलहाल फर्म के लेन-देन से जुड़ी जांच बताई जा रही है।
REET पेपर लीक मामले में हो चुके हैं गिरफ्तार
भजनलाल विश्नोई का नाम करीब ढाई साल पहले REET पेपर लीक मामले में भी सामने आया था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनके घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी रेड की गई थी।
अब एक बार फिर उनके ठिकाने पर केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई से मामला चर्चा में है। हालांकि, मौजूदा IT कार्रवाई और पुराने REET पेपर लीक मामले के बीच किसी संबंध की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं और आगे विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

