Samachar Nama
×

राजस्थान में महिला विधायक के डीपफेक वीडियो का मामला फिर गरमाया: जिला स्तरीय सम्मान वापस लिया गया

s

राजस्थान में महिला विधायक ऋतु बनावत से जुड़े डीपफेक वीडियो का विवाद फिर तूल पकड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिनेश मांजू को दिया गया जिला स्तरीय सम्मान वापस ले लिया। इस फैसले के पीछे विधायक ऋतु बनावत द्वारा लगाए गए आरोप और सामाजिक मीडिया पर फैल रही चिंता को जिम्मेदार माना जा रहा है।

ऋतु बनावत ने आरोप लगाया था कि दिनेश मांजू ने उनके खिलाफ डीपफेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया, जिससे उनका व्यक्तिगत और राजनीतिक सम्मान ठेस पहुंचा। इस वीडियो ने न केवल उनके राजनीतिक करियर को प्रभावित किया, बल्कि समाज में उनके प्रति गलत संदेश भी फैलाए। विधायक ने प्रशासन से मामले में कड़ा कदम उठाने की मांग की थी।

बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का आदेश दिया। जांच में यह पाया गया कि दिनेश मांजू को जिला स्तरीय सम्मान दिए जाने से पहले पृष्ठभूमि जांच पर्याप्त रूप से नहीं की गई थी। वीडियो मामले के उजागर होने के बाद कलक्टर ने दिनेश मांजू को सम्मान वापस लेने का आदेश जारी किया, ताकि प्रशासन और समाज दोनों के सामने स्पष्ट संदेश जा सके कि ऐसे कृत्यों को सहन नहीं किया जाएगा।

राजस्थान में डीपफेक वीडियो का मामला पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल मीडिया के इस युग में किसी की छवि को तोड़-मरोड़ कर पेश करना केवल व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर परिणाम ला सकता है। इस घटना ने प्रशासन और डिजिटल सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा किया है।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस फैसले की सराहना की जा रही है। कई नेताओं का कहना है कि यह कदम डिजिटल अपराधों और महिला नेताओं के खिलाफ फैलाए जाने वाले अपमानजनक सामग्री के खिलाफ सख्त संदेश देता है। वहीं, समाजसेवी और महिला संगठन भी इसे महिलाओं के खिलाफ डिजिटल उत्पीड़न के मामले में प्रशासन द्वारा सही दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में न केवल आरोपी को सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में लाना चाहिए, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदार ठहराना आवश्यक है। डीपफेक वीडियो जैसी सामग्री को रोकने के लिए कानूनी उपाय और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाना आज की जरूरत है।

ऋतु बनावत ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि सभी महिला नेताओं और समाज के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन के त्वरित कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बाड़मेर जिला में दिनेश मांजू के सम्मान को वापस लेने का कदम इस बात का प्रतीक है कि राजस्थान प्रशासन डिजिटल उत्पीड़न और महिलाओं के सम्मान को लेकर संवेदनशील है। इससे यह भी संदेश गया कि चाहे कोई डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करे, किसी की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा।

यह मामला राज्य में महिला नेताओं के खिलाफ डिजिटल उत्पीड़न के खिलाफ नए मानक स्थापित कर सकता है। साथ ही, यह नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए भी एक चेतावनी बन गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Share this story

Tags