बाड़मेर के सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक: 27 विद्यालय अब भी बिना पक्के भवन के संचालित
राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में सरकारी स्कूलों की हालत चिंता बढ़ाने वाली है। जिले में तीन साल पहले शुरू हुआ एक नया स्कूल समेत कुल 27 सरकारी विद्यालय आज भी बिना पक्के भवन के संचालित हो रहे हैं।
हालात और चुनौतियां
इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे मौसम की मार झेल रहे हैं। बारिश, सर्दी और भीषण गर्मी के दौरान बच्चों को खुले आसमान के नीचे या घास-फूस की झोपड़ी में पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों का स्वास्थ्य भी खतरे में है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल भवनों की स्थिति सुधारने के लिए कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
शिक्षा और विकास पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित और उचित शिक्षा का वातावरण बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। पक्के भवनों की कमी के कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि कम हो सकती है और स्कूल छोड़ने की दर बढ़ सकती है।
समाधान और आगे की दिशा
शिक्षा विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सुझाव है कि सरकारी निवेश बढ़ाया जाए और बच्चों के लिए सुरक्षित, पक्के भवन जल्द तैयार किए जाएं। इसके अलावा, अस्थायी निर्माण के बजाय स्थायी समाधान अपनाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

