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बाड़मेर में विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में बदलाव, वीडियो में देंखे 3 पीएसओ हटाए गए, सियासी बयानबाजी तेज

बाड़मेर में विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में बदलाव, वीडियो में देंखे 3 पीएसओ हटाए गए, सियासी बयानबाजी तेज

राजस्थान के Barmer district, Rajasthan, India की शिव विधानसभा से विधायक Ravindra Singh Bhati की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। प्रशासनिक आदेश के तहत उनके साथ तैनात तीन पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) को हटा दिया गया है। अब उनकी सुरक्षा में केवल एक पीएसओ ही तैनात रहेगा।सुरक्षा में कटौती के आदेश सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आदेश जारी होने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने दावा किया कि ये निर्देश बैक डेट में जारी किए गए हैं। उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।

विधायक भाटी ने कहा कि इस तरह के फैसलों से उनके हौसलों को कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार राजनीतिक दबाव और षड्यंत्रों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं।जानकारी के अनुसार, रविंद्र सिंह भाटी के 2023 में विधायक बनने के बाद उन्हें एक पीएसओ सुरक्षा के तौर पर दिया गया था। बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान जब उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान किया और नामांकन दाखिल किया, तब उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद बाड़मेर पुलिस द्वारा उनकी सुरक्षा में एक और पीएसओ बढ़ाया गया था।

हालांकि, जनवरी 2025 में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए एक अतिरिक्त पीएसओ को हटा दिया गया था। इसके बाद भी जनवरी से मार्च 2025 के बीच विधायक को धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आईं। इंटेलिजेंस इनपुट में भी उनके जीवन को खतरे की आशंका जताई गई थी।इन इनपुट्स के आधार पर मार्च 2025 में सुरक्षा बढ़ाते हुए दो कमांडो और एक पुलिसकर्मी को अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया था, जिससे उनकी सुरक्षा में कुल चार सुरक्षाकर्मी शामिल हो गए थे।

अब ताजा आदेश में तीन पीएसओ हटाए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था फिर से घटाकर एक पीएसओ तक सीमित कर दी गई है, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष और स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस बदलाव पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, यह मामला सुरक्षा और राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी होने की संभावना जताई जा रही है।

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