उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क बरेली नाथनगरी के बदायूं रोड पर बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) 500 हेक्टेयर में टाउनशिप विकसित करने जा रहा है. प्राधिकरण की रामगंगा नगर आवासीय और ग्रेटर बरेली योजना से दोगुनी क्षेत्रफल में यह टाउनशिप बसाई जाएगी.
बीडीए का सीमा विस्तार होते ही नाथधाम योजना को धरातल पर उताने की कवायद तेज हो गई है. टाउनशिप के नाम पर शासन से मुहर लग चुकी है. इस टाउनशिप को प्राधिकरण पर्यटक स्थल बनाने में लगा है. ड्रोन कैमरों से गांवों की मैपिंग की जा रही है. जमीन चिह्नित करने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी. पिछले दिनों बीडीए सीमा में 35 नये गांव सदर तहसील के 5, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांव को प्राधिकरण में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. लखनऊ हाईवे स्थित बीडीए रामगंगा आवासीय योजना के बाद ग्रेटर बरेली को विकसित कर रहा है. शहर के मुख्य मार्गों को लेन बना रहा है. गेट बंद हाईटेक कॉलोनी बनाई जा रही है. नाथ कॉरिडोर और लाइट मेट्रो के लिए तेजी से काम हो रहे हैं. बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि नाथधाम टाउनशिप प्राधिकरण की सबसे बड़ी योजना होगी. गांवों की जमीन की मैपिंग की जा रही है. जल्द ही जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
टाउनशिप को पर्यटक स्थल बनाने की कार्ययोजना
रामगंगा बैराज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है. वहीं प्राधिकरण इस नाथ धाम टाउनशिप को भी बसाएगा. महानगरों की तर्ज पर टाउनशिप का मॉडल होगा. रामगंगा बैराज बरेली के लिये ऐतिहासिक धरोहर बना है. यहां सांस्कृतिक, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को बैराज पर घाटों का निर्माण कराया जा रहा है. इसलिए टाउनशिप का नाम भी नाथधाम रखा है.
बरेली न्यूज़ डेस्क

