उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क कब्रिस्तान संचालन कमेटी ने एक ही व्यक्ति के तीन प्रमाण पत्र जारी कर दिए. सीएमओ कार्यालय से मृत्यु प्रमाण पत्र को मृतक की पत्नी, भाई और भतीजे ने अलग-अलग आवेदन कर दिया. पत्रों की जांच में मामला खुला. कब्रिस्तान संचालन कमेटी के खिलाफ रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है.
कंघी टोला के ताजदार की बीते साल 20 अक्तूबर को मृत्यु हो गई थी. शव बाकरगंज के कब्रिस्तान में दफन किया गया था. नियमानुसार कब्रिस्तान से एक प्रमाण पत्र ही जारी किया जाता है. लेकिन कब्रिस्तान संचालन कमेटी ने ताजदार की पत्नी साहिरा बी, भाई आफाक रसूल गुलशन व भतीजे शोएब को अलग-अलग प्रमाण पत्र जारी कर दिया. ताजदार का मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए तीनों ने ही स्वास्थ्य विभाग में आवेदन किया. प्रमाण पत्र बनाने को आवेदन में लगे कागजों की जांच हुई तो कर्मचारी चौंक गए. एक ही मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पत्नी साहिरा बी, भाई आफाक रसूल गुलशन और भतीजे शोएब ने अलग-अलग आवेदन किया था. चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों ने कब्रिस्तान का अलग प्रमाण पत्र लगाया था. किसी में 100 रुपये फीस लिखी है तो किसी पर 200 रुपये. ताजदार का मृत्यु प्रमाण पत्र फिलहाल रोक दिया गया है.
3 मंदिरों के लिए जारी किया गया टेंडर
बरेली के तीन मंदिरों तीन करोड़ से पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. नवाबगंज के ईध जागीर और मीरगंज के समसपुर शिव मंदिर के साथ रामगंगा नदी किनारे स्थित लेटे हनुमान मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रोजेक्ट को शासन ने मंजूरी दे दी है. पर्यटन विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं. मार्च में परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा.
विधायकों की सिफारिश पर पर्यटन विभाग ने नवाबगंज के ईध जागीर का शिव मंदिर, मीरगंज के समसपुर शिव मंदिर और रामगंगा नदी किनारे बने लेटे हनुमान मंदिर में पर्यटक सुविधाओं को विकासित करने प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था. पर्यटन सूचना अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि तीनों मंदिरों के एस्टीमेट को मंजूरी मिल चुकी है. टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. मार्च में मंदिरों में पर्यटक सुविधाएं विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा.
बरेली न्यूज़ डेस्क

