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Bareilly  अलाव की 28 फाइलें गायब कमिश्नर ने मांगी जांच रिपोर्ट

Haridwar जिला पंचायत अध्यक्ष की जांच की अंतिम रिपोर्ट पर कोर्ट में कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की गई  उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण के खिलाफ की गई जांच की अंतिम रिपोर्ट पर अनापत्ति स्वीकार कर ली है। इस संबंध में पुलिस ने अंतिम जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है. बिजल्वाण ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण उनके खिलाफ जो मुकदमा दर्ज कराया गया था, अब पुलिस जांच में सभी आरोप खारिज हो गये हैं.  इस मामले में कोर्ट द्वारा पूछे जाने पर वादी ने भी अपनी अनापत्ति दर्ज करायी. वर्ष 2022 में कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत उत्तरकाशी में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। जिस पर शासन की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे। जिस पर कोतवाली पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।  जनवरी 2023 में एक विशेष टीम बनाई गई और जांच शुरू की गई. पुलिस की विशेष टीम ने 16 बिंदुओं पर जांच की. करीब सात महीने की जांच के बाद पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की. इसमें सभी बिंदुओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एचसी जोशी ने बताया कि कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट पर अनापत्ति स्वीकार कर ली है।  हरिद्वार न्यूज़ डेस्क !!!

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   बीती सर्दी में अलाव की लकड़ी ठेकेदार की फर्म से ले गई लेकिन भुगतान के समय फाइलें गुम कर दी गई. मामले में शिकायत हुई तो तत्कालीन नगरायुक्त ने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को जांच सौंपी. पर फाइलें मिलीं, न जांच रिपोर्ट बनी. अब कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने नगरायुक्त से 26 तक जांच रिपोर्ट मांगी है. मामला फिर सुर्खियों में आ गया है.

पिछले साल सर्दी में अलाव की लकड़ी खरीद का टेंडर नहीं हुआ था. सर्दी ज्यादा पड़ी और मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अलाव की व्यवस्था के निर्देश दिए तो नगर निगम ने महावीर कंट्रेक्शन एंड जनरल ऑर्डर सप्लायर्स से जलौनी लकड़ी चारों जोन के लिए खरीदी गई. अतिरिक्त लकड़ी खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई. कुटेशन का आश्वासन देकर अलाव की व्यवस्था करा दी.

फर्म के ओनर अमित अग्रवाल ने बताया कि तत्कालीन अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला ने आश्वस्त किया कि ठंड ज्यादा है सप्लाई चालू रखो. जो अतिरिक्त लकड़ी होगी उसका कुटेशन की फाइल बनाकर भुगतान किया जाएगा. लकड़ी की सप्लाई 3 फरवरी 2024 तक की गई थी. उसके पश्चात भुगतान के लिए 28 फाइलों की कुटेशन बनाई गई थी. एई, जेई ने अपने हस्ताक्षर करने के बाद रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को दी थी. इसी बीच अधिशासी अभियंता उनको शासन ने लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया था. हमारी कुटेशन की 28 फाइलें वो साथ ले गए. हमने इसकी लिखित में नगरायुक्त को शिकायत भी की ओर जांच भी हुई है.

इंजीनियर को बचाने में लगा विभाग, दबाई जांच

निर्माण विभाग के इंजीनियर एक दूसरे की खामियां छुपाने में लगे हैं. अधिशासी अभियंता की जांच के साथ भी ऐसा ही किया गया है. 28 फाइलों के गुम होने की जांच मुख्य अभियंता को सौपी गई थी जिसको छुपाया गया है. फाइल गुम होने पर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया है.

विभाग में मचा हड़कंप

अलाव लकड़ी की फाइलों में बड़ा खेला किया गया है. सीएम पोर्टल के बाद मामला कमिश्नर तक पहुंचा तो नगर निगम के निर्माण विभाग में खलबली मच गई. शिकायत का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने नगरायुक्त से 26 से आख्या मांगी है.

 

 

बरेली न्यूज़ डेस्क

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