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Banswara में चोरी के इरादे से घर में घुसे दो बाल अपचारी, पहचान उजागर न हो जाए इस डर से कर दी मासूम की हत्या

Banswara में चोरी के इरादे से घर में घुसे दो बाल अपचारी, पहचान उजागर न हो जाए इस डर से कर दी मासूम की हत्या

बांसवाड़ा के लोहारिया थाना क्षेत्र के पालोदा कस्बे में 23 मार्च को हुई 12 वर्षीय जाह्नवी पाटीदार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 36 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पुलिस ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले दो किशोर अपराधी चोरी के इरादे से घर में घुसे थे और अपनी पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने जाह्नवी की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने मामला कैसे सुलझाया?
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारद्वाज के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने गहन जांच के बाद इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया। 23 मार्च को पालोदा निवासी लालजी पाटीदार अपने परिवार के साथ फसल काटने के लिए खेत पर गए थे। जब वे घर लौटे तो उनकी 12 वर्षीय बेटी जाह्नवी का खून से लथपथ शव रसोई में पड़ा मिला। उसकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि उदयपुर और कोटा से डॉग स्क्वायड टीमें भी बुलाई गईं।

गहन जांच के लिए 15 टीमें गठित
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 विशेष टीमें गठित की गईं। प्रत्येक टीम को अलग-अलग क्षेत्रों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीमों ने मृतक के घर, पड़ोसियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान एक किशोर अपराधी ने अपराध कबूल कर लिया।

चोरी करने के इरादे से अपराध
पुलिस के अनुसार लालजी पाटीदार के बेटे का मुंडन संस्कार 18 अप्रैल को होना था, जिसके लिए उन्होंने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। दोनों किशोर अपराधियों को भी इस कार्यक्रम की जानकारी थी। घटना के दिन जैसे ही लालजी अपने परिवार के साथ खेत पर गए, दोनों किशोर अपराधी मुख्य दरवाजे से घर में घुस आए और पहली मंजिल पर जाकर अलमारियों की जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसी बीच जाह्नवी बाथरूम से बाहर आ गई और चिल्लाने लगी। पकड़े जाने के डर से दोनों ने उसका गला घोंट दिया और उसे रसोई में ले जाकर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे शव को वहीं छोड़कर भाग गए।

चुनौतीपूर्ण मामला, टीम वर्क से मिली सफलता
एसपी अग्रवाल ने बताया कि यह अंधे कत्ल का मामला है। कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, जिससे जांच अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि, पुलिस टीमों के समर्पित प्रयासों और तकनीकी जांच से मामला 36 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया। फिलहाल पुलिस दोनों किशोर अपराधियों से गहन पूछताछ कर रही है।

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