राजस्थान FSL DNA किट खरीद घोटाला: 8.71 करोड़ की अनियमितताओं का खुलासा, 4 अधिकारी हटाए गए
राजस्थान में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से जुड़ा एक बड़ा खरीद घोटाला सामने आया है, जिसमें DNA टेस्टिंग किट की खरीद में लगभग ₹8.71 करोड़ की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। मामले के उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है और उन्हें ‘अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स’ (APO) पर भेज दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला DNA टेस्टिंग किट की खरीद प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताओं और मूल्य निर्धारण में गड़बड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि किटों की खरीद अन्य राज्यों की तुलना में कई गुना अधिक कीमत पर की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। कुछ रिपोर्टों में यह अंतर लगभग 11 गुना तक बताया जा रहा है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।
जांच के घेरे में FSL प्रशासन
इस मामले में राजस्थान FSL के निदेशक सहित तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और टेंडर व सप्लाई सिस्टम में पारदर्शिता की कमी रही। इसी आधार पर सरकार ने तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कदम राज्य में वैज्ञानिक और फॉरेंसिक संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और भी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही
प्राथमिक आकलन में यह सामने आया है कि खरीद प्रक्रिया में न केवल कीमतों में भारी अंतर था, बल्कि आवश्यकता और उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी गड़बड़ी की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला एक बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।
सरकार का सख्त रुख
राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को हटाने के साथ-साथ दस्तावेजों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके।

