एसीबी की कार्यवाही में सरकारी इंजीनियर के घर निकला कुबेर का खजाना, 22 अकाउंट, लाखों के जेवर और करोड़ों के कैश समेत इतना कुछ बरामद
राजस्थान में पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई अभी भी जारी है। सोमवार को बांसवाड़ा में तैनात पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता के बैंक लॉकर खोले गए। इस दौरान बैंक लॉकर में आधा किलो सोना मिला, जिसकी बाजार में कीमत 45 लाख रुपए बताई जा रही है। इससे पहले रविवार को इंजीनियर अशोक कुमार जांगिड़ के ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी में 35 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण मिले थे। साथ ही 2 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए थे।
55 बेनामी संपत्तियां मिलीं
पीएचईडी इंजीनियर के जयपुर, पावटा (कोटपूतली), मौजमाबाद, उदयपुर, अजमेर और मालपुरा (टोंक) स्थित ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी में 55 बेनामी संपत्तियां, खनन और खनन कारोबार में निवेश, फार्म हाउस, शॉपिंग मॉल, करोड़ों की जमीन, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद हुई। जयपुर के पावटा में 4 बीघा और 40 बीघा में फैले दो फार्म हाउस, तीन मंजिला शॉपिंग मॉल और कई व्यावसायिक इमारतें मिलीं।
बेटे के नाम पर क्रशर, खनन पट्टा
इसके अलावा पावटा क्षेत्र में बेटे के नाम पर क्रशर, पॉलिशिंग मशीन, माइंस, खनन पट्टा और भारी मशीनरी मिली। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर ने निजी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोचिंग सेंटर, फार्मा कंपनियों और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों में निवेश किया है, जिसका भी खुलासा हुआ।
22 बैंक खातों में जमा है रकम
अधीक्षण अभियंता के परिवार के नाम पर 22 बैंक खातों में 21 लाख रुपए मिले हैं। बच्चों की स्कूली शिक्षा, कोचिंग और उच्च शिक्षा पर 30 लाख रुपए खर्च करने का रिकॉर्ड भी एसीबी को मिला है। उसने अब तक फर्जी तरीके से करीब 11.50 करोड़ रुपए की संपत्ति जुटाई है, जो उसकी आय से 161 फीसदी ज्यादा है।
बेटे के नाम 54 संपत्तियां
एसीबी द्वारा की गई तलाशी के दौरान अशोक जांगिड़ के कब्जे से 54 अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले, जिनमें से 19 उनके नाम, 3 उनकी पत्नी के नाम और 32 उनके बेटे निखिल जांगिड़ के नाम हैं। एसीबी को कई ऐसी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका जांगिड़ की घोषित आय से कोई संबंध नहीं है। जांच के दौरान 4 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेजी रिकॉर्ड मिले हैं।

