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बांसवाड़ा में तीसरी क्लास के छात्र की आंखों में फेवीक्विक, उदयपुर रेफर किया गया

बांसवाड़ा में तीसरी क्लास के छात्र की आंखों में फेवीक्विक, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे उदयपुर रेफर किया गया

बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के बावलिया पाड़ा गांव के सरकारी स्कूल में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना हुई। तीसरी कक्षा के छात्र राधेश्याम पुत्र देवीसिंह की आंखों में गलती से फेवीक्विक लग गई, जिससे उसकी दोनों पलकें चिपक गईं और बच्चे की हालत गंभीर हो गई।

सूत्रों के अनुसार, बच्चे खेलते समय फेवीक्विक गलती से उसकी आंखों पर लग गई। मासूम ने तुरंत आंखों को मसल दिया, जिससे दोनों आंखों पर फेवीक्विक फैल गई और कुछ ही मिनटों में उसकी दोनों पलकें चिपक गईं। घटना के दौरान छात्र रोने लगा, जिस पर स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही बच्चे के परिजन उसे कुशलगढ़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला हॉस्पिटल से उदयपुर रेफर कर दिया। बच्चे के पिता ने बताया, “हम स्कूल से बेटे को लेकर कुशलगढ़ हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन यहां नेत्र ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने के कारण उसे इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया।”

स्कूल स्टाफ ने बताया कि बच्चे के चिल्लाने पर उन्हें तुरंत पता चला और उन्होंने बच्चे को संभाला। घटना से स्कूल और स्थानीय लोग हैरान हैं और उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षा के उपायों को और कड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि फेवीक्विक जैसी रासायनिक चिपकने वाली सामग्री बच्चों की आंखों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। छोटी-सी चूक भी आंखों को गंभीर चोट पहुँचा सकती है और स्थिति गंभीर होने पर नेत्र ऑपरेशन की आवश्यकता हो सकती है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और स्कूल में सुरक्षित खेल सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

परिवार ने बताया कि बच्चे की आंखों की सुरक्षा और शीघ्र उपचार के लिए वे उदयपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज कराएंगे। घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के उपायों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में छोटे बच्चों के आसपास केमिकल या चिपकने वाली सामग्री की निगरानी अत्यंत जरूरी है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि स्कूलों में इस प्रकार की सामग्री बच्चों की पहुंच से दूर रखी जाए और बच्चों को उनकी सही उपयोग विधि के बारे में शिक्षित किया जाए।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र में सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र की आंखों में गलती से फेवीक्विक लग जाने से उसे उदयपुर रेफर करना पड़ा। स्कूल और परिजन तत्काल कार्रवाई में लगे और बच्चे की जान और आंखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। घटना ने बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में सावधानी के महत्व को उजागर किया है।

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