बांसवाड़ा में 44 साल बाद याद किए गए वीर कॉन्स्टेबल मानसिंह, वीडियो में देखें पुलिस स्थापना दिवस पर मिला मरणोपरांत सम्मान
बांसवाड़ा में राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब 44 साल पहले शहीद हुए कॉन्स्टेबल मानसिंह को मरणोपरांत विशेष सम्मान प्रदान किया गया। जिला पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जैसे ही उनके बलिदान की कहानी सामने आई, माहौल भावनाओं से भर गया।
मानसिंह बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र के चितरोडिया गांव के निवासी थे। बताया जाता है कि सेवा के दौरान एक काली रात में डकैतों के हमले में उन्होंने अद्भुत साहस का परिचय दिया। हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे आखिरी सांस तक डटकर मुकाबला करते रहे।
उनके परिवार की कहानी और भी दर्दनाक है। परिजनों के अनुसार उस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया था। पिता के शहीद होने के बाद गहरे सदमे में उनकी मां और छोटी बहन का भी निधन हो गया था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
आज चार दशक से अधिक समय बाद जब उनके बलिदान को औपचारिक रूप से सम्मान मिला, तो यह पल परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास रहा। कार्यक्रम के दौरान जगपुरा चौकी प्रभारी और उनके पुत्र करण सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि उनके पिता की शहादत को आज जो सम्मान मिला है, उससे उन्हें गर्व और संतोष की अनुभूति हुई है।
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मानसिंह जैसे वीर जवानों का बलिदान पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे कर्मवीरों की कहानियां नई पीढ़ी को कर्तव्य और साहस के लिए प्रेरित करती हैं। इस सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह साबित किया कि भले ही समय बीत जाए, लेकिन देश और समाज के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जाता।

