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वीडियो में देंखे SI मनोज कुमार मीणा को 8 महीने से नहीं मिला वेतन, बीमार पड़े अस्पताल में

वीडियो में देंखे SI मनोज कुमार मीणा को 8 महीने से नहीं मिला वेतन, बीमार पड़े अस्पताल में

अलवर पुलिस लाइन में तैनात SI मनोज कुमार मीणा पिछले 8 महीने से वेतन न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वेतन बनाने के लिए UDC (अधीनस्थ कर्मचारी) उनसे पैसे मांगता है। इसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और उनके इलाज व परिवार के पालन-पोषण में कठिनाई हो रही है।

SI मनोज कुमार मीणा कोटपूतली के पास पाटन गांव के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। SI पिछले लगभग 2 साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें किडनी में संक्रमण का इलाज चल रहा है और बीच-बीच में अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।

सूत्रों के अनुसार, 4 मार्च को ड्यूटी के दौरान SI बेहोश हो गए। इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया और परिवार को बुलाने के लिए कहा। परिवार ने जाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। तब से SI लगातार अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।

बीमारी और लंबित वेतन के कारण SI मनोज कुमार मीणा की आर्थिक स्थिति भी गंभीर हो गई है। उन्होंने बताया कि इलाज के खर्च और दवाईयों के लिए अब परिवार के पास पैसे भी नहीं बचे हैं। इस बीच उन्होंने हॉस्पिटल से ही एक वीडियो जारी कर अपनी हालत एसपी सुधीर चौधरी को बताई और वेतन भुगतान की मांग की।

विशेषज्ञों और पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में कर्मचारियों की गंभीर समस्याओं का समय पर समाधान न होना न केवल उनकी सेवा की गुणवत्ता पर असर डालता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और परिवार के जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।

एसपी अलवर ने कहा कि SI की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और वेतन भुगतान तथा अन्य संबंधित मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही SI मनोज कुमार मीणा का वेतन जारी किया जाएगा और आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस लाइन में तैनात अन्य कर्मचारियों ने भी बताया कि कई अधिकारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता, लेकिन वेतन मांगने के लिए उनसे पैसे लेने की शिकायत पहली बार सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे।

SI मनोज कुमार मीणा का मामला अलवर जिले में कर्मचारियों की कठिन परिस्थितियों और प्रशासनिक खामियों की ओर ध्यान खींचता है। लंबे समय से वेतन न मिलने और बीमारी की स्थिति में उन्हें इलाज और परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है।

इस मामले ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के लिए एक चेतावनी की तरह काम किया है कि कर्मचारियों के वेतन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए। एसपी और संबंधित विभाग अब इस मामले को सुलझाने की दिशा में सक्रिय हैं।

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