राजस्थान के प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों पर एक जानलेवा वायरस के खतरे ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पिछले कुछ दिनों में 5 बाघों की मौत के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में संदेह जताया जा रहा है कि इन मौतों के पीछे किसी संक्रामक वायरल संक्रमण की भूमिका हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीमें लगातार सैंपल लेकर जांच में जुटी हुई हैं।
सरिस्का प्रशासन ने पूरे रिजर्व में निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील जोन में विशेष गश्त (patrolling) की व्यवस्था की गई है। बाघों की गतिविधियों पर ड्रोन और कैमरा ट्रैप के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी असामान्य व्यवहार या बीमारी के संकेत को तुरंत पहचाना जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मृत बाघों के पोस्टमॉर्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल, किसी भी तरह के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वायरल संक्रमण साबित होता है, तो यह स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है, क्योंकि यह अन्य बाघों और वन्यजीवों के लिए भी खतरा बन सकता है। ऐसे में समय रहते नियंत्रण और उपचारात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी है।
सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
वन विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और केंद्र व राज्य स्तर पर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल और वन्यजीव टीमों को भी बुलाया जा सकता है।
फिलहाल सरिस्का में बाघों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पर्यटन गतिविधियों और मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्यमयी बीमारी की सच्चाई सामने आ सकेगी।

