काली खोली क्षेत्र में नगर परिषद और बीडा की भूमि से अवैध मिट्टी खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि सरकारी जमीन से करोड़ों रुपए की मिट्टी चोरी की जा रही है, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में नगर परिषद ने 3 फरवरी को भिवाड़ी थाना में मामला दर्ज कराया था। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन का कार्य लगातार जारी है और इसमें संलिप्त लोगों पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं दिखाई जा रही। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, खनन माफिया दिन-रात मशीनों के जरिए मिट्टी का उत्खनन कर रहे हैं और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से इसे अन्य स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी रोकथाम नहीं की जा सकी है।
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया है, अब आगे की कार्रवाई पुलिस प्रशासन के जिम्मे है। वहीं, आमजन प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि भूमि की संरचना और पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित होता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाती है या फिर यह मामला भी यूं ही लंबित रह जाता है।

