Samachar Nama
×

पशु उप स्वास्थ्य केंद्र में नशे में हंगामा, वीडियो में देंखे लाइव स्टॉक असिस्टेंट पर किसानों से अभद्र व्यवहार का आरोप

पशु उप स्वास्थ्य केंद्र में नशे में हंगामा, वीडियो में देंखे लाइव स्टॉक असिस्टेंट पर किसानों से अभद्र व्यवहार का आरोप

अलवर जिले के बगड़ राजपूत स्थित पशु उप स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक लाइव स्टॉक असिस्टेंट पर शराब के नशे में हंगामा करने और किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ता दिख रहा है।

जानकारी के अनुसार, वेटरनरी उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लाइव स्टॉक असिस्टेंट लोकेश कुमार चौधरी पर आरोप है कि वह ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में था। इस दौरान जब किसान अपने पशुओं के इलाज और दवा के लिए केंद्र पर पहुंचे, तो कर्मचारी ने न सिर्फ उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि पशुओं के लिए आवश्यक दवा देने से भी इनकार कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कर्मचारी ने नशे की हालत में किसानों से बहस शुरू कर दी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा और लड़खड़ाते हुए बात कर रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्या बताने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी ने उनकी बात सुनने के बजाय विवाद करना शुरू कर दिया।

इस घटना के बाद स्थानीय किसानों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित विभाग से करने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि पशु उप स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर पशुपालकों को नुकसान होता है।

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामला संज्ञान में आने की संभावना जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में तैनात कर्मचारियों से अनुशासन और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

फिलहाल विभागीय कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामला सामने आने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और किसानों ने दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share this story

Tags