अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व के सीमांकन को मिला उद्योग संगठनों का समर्थन, पारदर्शिता पर जताया भरोसा
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व के सीमांकन को लेकर चल रही प्रक्रिया को स्थानीय उद्योग संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। विभिन्न व्यापारिक संघों ने एकजुट होकर प्रेस वार्ता आयोजित की और इस प्रक्रिया को पारदर्शी एवं न्यायसंगत बताया।
उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रही यह प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के निर्णयों से न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सतत विकास को भी मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। सीमांकन की प्रक्रिया से जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
प्रेस वार्ता में व्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे प्रशासन और न्यायालय के हर उस कदम का समर्थन करते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शी विकास की दिशा में उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस प्रक्रिया के बाद क्षेत्र में विकास और संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सरिस्का क्षेत्र में पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
उद्योग संगठनों ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस प्रकार, सरिस्का टाइगर रिजर्व के सीमांकन को लेकर जहां एक ओर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी ओर उद्योग जगत का समर्थन इस प्रक्रिया को और मजबूती प्रदान कर रहा है।

